PM मोदी के किसान विजन को कैसे जमीन पर उतार रही मोहन सरकार? जानिए किसान कल्याण में मध्य प्रदेश की बड़ी उपलब्धियां

भोपाल: किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं तेजी से लागू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए शुरू की गई योजनाओं के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान-केंद्रित नीतियों ने प्रदेश में कृषि विकास को नई दिशा देने का दावा किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को देशभर में लागू किया गया, जिसका लाभ मध्य प्रदेश के लाखों किसानों को भी मिल रहा है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।
राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना भी किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 84 लाख से अधिक किसानों के खातों में 20,878 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
गेहूं खरीदी में बढ़ाया गया लक्ष्य
वित्त वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों की सुविधा के लिए राज्यभर में 3,627 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकार ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है।
इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि समर्थन मूल्य पर निर्बाध खरीदी, स्लॉट अवधि में विस्तार और सप्ताह में छह दिन खरीदी जैसी व्यवस्थाओं से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है।
कृषि भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजे का प्रावधान
किसान कल्याण वर्ष के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि अधिग्रहण के मामलों में बाजार मूल्य के चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे विकास परियोजनाओं और किसानों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा उड़द पर समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। सरसों को भी भावांतर योजना के दायरे में शामिल किया गया है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज भी जारी किए गए हैं।
2026 को बनाया गया कृषि कल्याण वर्ष
राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। खेती का रकबा बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सिंचाई और आधुनिक कृषि पर जोर
सरकार की योजनाओं में तीन नदी जोड़ो परियोजना के जरिए लगभग 16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य शामिल है। माइक्रो इरीगेशन को बढ़ावा देने, आधुनिक मंडियों की स्थापना, बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं के विस्तार और मौसम आधारित फसल सर्वे प्रणाली विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है।
कृषक मित्र योजना से सोलर सिंचाई को बढ़ावा
कृषक मित्र योजना के तहत किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसानों की बिजली पर निर्भरता कम होने और सिंचाई लागत घटने की उम्मीद जताई जा रही है।
इसके साथ ही दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और तीसरी फसल को प्रोत्साहित कर कृषि आय के विविधीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
किसानों से सीधा संवाद बना रही सरकार
सरकार किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर रैली, कृषि प्रदर्शनी और किसान सम्मेलनों का आयोजन कर रही है। राज्य मंत्रिमंडल ने किसान कल्याण से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
सरकार का मानना है कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, समर्थन मूल्य, आधुनिक सिंचाई, फसल विविधीकरण और राहत योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। इसी दिशा में केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही हैं।



