MP का ‘महाराजा आम’ बना आकर्षण का केंद्र! पपीते से भी बड़ा आकार, 5 किलो तक वजन और कीमत सुनकर चौंक जाएंगे आप

अलीराजपुर: मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले का दुर्लभ ‘नूरजहां’ आम इन दिनों फिर चर्चा में है। अपने विशाल आकार, खास स्वाद और सीमित उत्पादन के कारण यह आम देशभर में अलग पहचान रखता है। पपीते जितना बड़ा दिखने वाला यह आम वजन में 3 से 5 किलोग्राम तक हो सकता है और इसकी कीमत एक फल के लिए 1500 से 3000 रुपये तक पहुंच जाती है।
अलीराजपुर के कट्टीवाड़ा में ही मिलता है यह खास आम
नूरजहां आम की सबसे बड़ी खासियत इसकी दुर्लभता है। बाग के मालिक शिवराज सिंह जाधव का दावा है कि यह अनोखी किस्म केवल अलीराजपुर जिले के कट्टीवाड़ा गांव स्थित उनके बाग में ही पाई जाती है। इसी वजह से आम के मौसम में दूर-दूर से लोग इस खास फल को देखने और खरीदने के लिए यहां पहुंचते हैं।
5 किलो तक पहुंच जाता है एक आम का वजन
सामान्य आमों की तुलना में नूरजहां आम का आकार बेहद बड़ा होता है। एक फल का वजन 3 किलोग्राम से लेकर 5 किलोग्राम तक हो सकता है। इसके आकार और स्वाद के कारण यह आम बाजार में विशेष पहचान रखता है और इसकी मांग हर साल बनी रहती है।
एक फल की कीमत 3000 रुपये तक
दुर्लभ उत्पादन और विशिष्ट स्वाद के चलते नूरजहां आम की कीमत काफी अधिक होती है। एक आम की कीमत 1500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक पहुंच जाती है। मांग अधिक होने के कारण कई ग्राहकों को पहले से बुकिंग करानी पड़ती है और लंबे समय तक इंतजार भी करना पड़ता है।
50 साल पहले ग्राफ्टिंग से तैयार हुई थी यह किस्म
नूरजहां आम की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है जितना इसका आकार। शिवराज सिंह जाधव के अनुसार, करीब 50 वर्ष पहले उनके पिता ने ‘जहांगीर’ और गुजरात की ‘राजापुरी’ आम की किस्मों की ग्राफ्टिंग कर इस नई प्रजाति को विकसित किया था।
इस विशेष किस्म का नाम प्रसिद्ध अभिनेत्री नूरजहां के नाम पर रखा गया था। तब से लेकर आज तक यह आम अपनी अनूठी पहचान बनाए हुए है।
देशभर में सिर्फ तीन पेड़ों का दावा
शिवराज सिंह जाधव का दावा है कि पूरे देश में नूरजहां आम के केवल तीन पेड़ हैं और ये तीनों उनके बाग में ही मौजूद हैं। बागवानी विभाग और स्वयं जाधव द्वारा इस किस्म का विस्तार करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन अब तक इसकी संख्या नहीं बढ़ाई जा सकी है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुकी है पहचान
जाधव के मुताबिक, नूरजहां आम केवल आकार में ही नहीं बल्कि स्वाद में भी बेहद खास है। इस किस्म को कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि भारत के पूर्व राष्ट्रपतियों समेत कई प्रमुख हस्तियां भी इस आम का स्वाद चख चुकी हैं।
देखने के लिए भी पहुंचते हैं पर्यटक
इस दुर्लभ आम की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि आम का मौसम शुरू होते ही पर्यटक और फल प्रेमी कट्टीवाड़ा पहुंचने लगते हैं। कई लोग केवल इस विशालकाय आम को देखने के लिए यहां आते हैं, जबकि खरीदारों को इसे पाने के लिए पहले से बुकिंग करानी पड़ती है।



