“जज़्बा-ए-हिन्द यात्रा” राष्ट्रप्रेम, सांप्रदायिक सौहार्द, संस्कृति को करेगी मजबूत
मेरठ की ऐतिहासिक धरती से राष्ट्र जागरण अभियान के अंतर्गत 'जज़्बा-ए-हिन्द यात्रा' का शुभारंभ।
Meerut News: मेरठ की ऐतिहासिक धरती से राष्ट्र जागरण अभियान के अंतर्गत ‘जज़्बा-ए-हिन्द यात्रा’ का शुभारंभ राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सद्भाव एवं भारतीय संस्कृति के संदेश के साथ सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, राज्यसभा सांसद ने कहा कि राष्ट्र जागरण अभियान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता सुबुही खान के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
जन-जागरण का यह सकारात्मक प्रयास अत्यंत सराहनीय
उन्होंने कहा कि राष्ट्रविरोधी, कट्टरवादी एवं समाज को विभाजित करने वाली शक्तियों के विरुद्ध जन-जागरण का यह सकारात्मक प्रयास अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने अभियान को अपना आशीर्वाद देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह यात्रा पूरे देश में राष्ट्रप्रेम, सांप्रदायिक सौहार्द, भारतीय संस्कृति तथा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगी।
‘जज़्बा-ए-हिन्द यात्रा’ राष्ट्र निर्माण का जन-आंदोलन
विशिष्ट अतिथि डॉ. अतुल कृष्ण ने अपने संबोधन में कहा कि ‘जज़्बा-ए-हिन्द यात्रा’ केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त जन-आंदोलन है। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने, युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए ऐसे अभियान पूरे देश में चलाए जाने चाहिए। उन्होंने अभियान की संयोजिका अधिवक्ता सुबुही खान एवं पूरी टीम को शुभकामनाएँ देते हुए अपने आशीर्वाद से नवाज़ा।
देशभक्ति कविताओं से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया
प्रख्यात कवि डॉ. हरिओम पंवार ने अपनी ओजस्वी देशभक्ति कविताओं से उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि “आज इस कार्यक्रम में आकर मुझे ऐसा अनुभव हो रहा है मानो मैं किसी तीर्थस्थल पर उपस्थित हूँ। यहाँ जो राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता और भारतीय संस्कृति का वातावरण दिखाई दे रहा है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है।” उन्होंने कहा कि यह अभियान देश की आत्मा को जागृत करने वाला अभियान है और ऐसे प्रयासों का समाज को भरपूर समर्थन मिलना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि क़ारी हिफ्ज़ुर्रहमान साहब ने कहा कि भारत हमारा वतन है। हम इसी देश के रहने वाले हैं, इसी धरती पर पैदा हुए हैं और इसी मिट्टी में मिल जाना है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी भाईचारा और सांप्रदायिक सौहार्द है। हम सबको मिलकर देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने राष्ट्र जागरण अभियान तथा “जज़्बा-ए-हिन्द यात्रा” को अपनी दुआएँ और शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह अभियान समाज में प्रेम, सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना का संदेश निरंतर फैलाता रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शाहीन परवेज ने की
कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर की जानी-मानी समाजसेविका एवं अधिवक्ता शाहीन परवेज ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि “भारत एक सुंदर बगीचे की तरह है, जिसमें विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। हमारी यही विविधता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।” उन्होंने कहा कि राष्ट्र जागरण अभियान के अंतर्गत निकाली जा रही “जज़्बा-ए-हिन्द यात्रा” आतंकवाद, कट्टरवाद, अलगाववाद और समाज को बाँटने वाली विचारधाराओं के विरुद्ध राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और भारतीय संस्कृति का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने इस अभियान के सफल एवं राष्ट्रव्यापी होने की कामना करते हुए कहा कि आज देश को ऐसे सकारात्मक जन-जागरण अभियानों की अत्यंत आवश्यकता है।
सांस्कृतिक संगठनों के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे
कार्यक्रम का प्रभावशाली एवं गरिमामय संचालन श्री के.सी. शर्मा ने किया। इस अवसर पर सूफी असलम, डॉ. फारूक चौधरी, आबाद मंसूरी, अबरार अहमद, रेशमा खान, शाहिद, रोहित एडवोकेट, अर्जुन पुंडीर, इमरान, आदिल, जॉनी, डॉली, जवाहर राही, संजय, पूनम शर्मा, प्रतिभा, इकराम चौधरी (सभासद), निम्बेकर जी सहित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न समुदायों के लोगों ने भाग लेकर हिंदू–मुस्लिम एकता, सांप्रदायिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकजुटता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का सशक्त संदेश दिया। उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्र जागरण अभियान एवं “जज़्बा-ए-हिन्द यात्रा” को देशभर में आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।



