
‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ के महानायक राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को CM योगी का नमन, कहा- उनका बलिदान युवाओं को देता रहेगा प्रेरणा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काकोरी ट्रेन एक्शन के महानायक और अमर क्रांतिकारी राजेंद्रनाथ लाहिड़ी की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान देश के युवाओं को सदैव राष्ट्रभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने किया श्रद्धापूर्वक स्मरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को क्रांति पथ का अडिग राही और काकोरी ट्रेन एक्शन का महानायक बताया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए उनका अद्वितीय योगदान और बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी दी श्रद्धांजलि
भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने भी राजेंद्रनाथ लाहिड़ी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति, साहस और बलिदान से भरा उनका जीवन देशवासियों को हमेशा राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया वीरता का प्रतीक
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संदेश में राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को मां भारती का वीर सपूत और अदम्य साहस का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में उनका सर्वोच्च बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
मौर्य ने कहा कि राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण आज भी युवाओं को कर्तव्यपथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ने का संदेश देता है।
ब्रजेश पाठक ने भी किया स्मरण
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने राजेंद्रनाथ लाहिड़ी को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का युवा क्रांतिकारी और भारतीय स्वाभिमान का प्रतीक बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कौन थे राजेंद्रनाथ लाहिड़ी?
राजेंद्रनाथ लाहिड़ी का जन्म 29 जून 1901 को बंगाल के वर्तमान पावना जिले के मोहनपुर गांव में हुआ था। बचपन में ही वे उत्तर प्रदेश के वाराणसी आ गए थे, जहां उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और इसी दौरान क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़े।
उस समय वाराणसी स्वतंत्रता आंदोलन और क्रांतिकारी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता था, जहां से उन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष का मार्ग चुना।
काकोरी ट्रेन एक्शन में निभाई थी अहम भूमिका
ब्रिटिश शासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष के लिए संसाधन जुटाने के उद्देश्य से 9 अगस्त 1925 को काकोरी रेलवे स्टेशन के पास सरकारी खजाने को ले जा रही ट्रेन पर ऐतिहासिक कार्रवाई की गई थी। इस अभियान में राजेंद्रनाथ लाहिड़ी ने अपने साथियों के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इस कार्रवाई का उद्देश्य अंग्रेजी शासन के खिलाफ लड़ाई के लिए संसाधन जुटाना था। बाद में यह घटना भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बनी और व्यापक रूप से काकोरी कांड के नाम से जानी गई।
17 दिसंबर 1927 को दी गई थी फांसी
काकोरी ट्रेन एक्शन मामले में राजेंद्रनाथ लाहिड़ी सहित चार प्रमुख क्रांतिकारियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। उन्हें गोंडा जेल में रखा गया, जहां 17 दिसंबर 1927 को अंग्रेजी हुकूमत ने उन्हें फांसी दे दी।
देश की आजादी के लिए उनके बलिदान को भारतीय इतिहास में अमर योगदान के रूप में याद किया जाता है और उनकी देशभक्ति आज भी करोड़ों लोगों को प्रेरित करती है।



