झारखण्डराज्य

आम बीनने गए बच्चों पर टूटा कहर! पेड़ पर गिरी बिजली, 2 मासूमों की मौत; एंबुलेंस न मिलने पर खाट पर ले जाने पड़े शव

रांची: झारखंड के गढ़वा जिले में बिजली गिरने से दो बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा रंका थाना क्षेत्र के दुधवल गांव में उस समय हुआ जब तीन बच्चे आम चुनने के लिए पेड़ के पास पहुंचे थे। घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल से उन्हें एंबुलेंस की सुविधा तक नहीं मिल सकी।

आम चुनने पहुंचे थे बच्चे, तभी हुआ हादसा

पुलिस के अनुसार शनिवार रात आंधी और तेज बारिश के बाद गांव के एक आम के पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में आम गिरे हुए थे। रविवार को शाहबाज अंसारी, फैजुन खातून और सुहैल अंसारी आम बीनने के लिए पेड़ के पास पहुंचे।

इसी दौरान अचानक पेड़ पर वज्रपात हो गया। बिजली गिरते ही तीनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए। हादसे में शाहबाज अंसारी और फैजुन खातून की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सुहैल अंसारी गंभीर रूप से झुलस गया। घायल बच्चे का उपचार जारी है।

रातभर अस्पताल में पड़े रहे शव, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद परिजन तीनों बच्चों को रंका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि दोनों मृत बच्चों के शव पूरी रात अस्पताल में ही पड़े रहे। रविवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई।

परिजनों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें घर से खाट मंगानी पड़ी। दोनों शवों को खाट पर रखकर अस्पताल से बाहर लाया गया और बाद में किराये पर पिकअप वाहन की व्यवस्था कर गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया गया।

‘किसी विभाग से नहीं मिली मदद’

मृतक बच्चों के परिजनों ने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम के दौरान उन्हें किसी भी सरकारी विभाग से अपेक्षित सहायता नहीं मिली। उनका कहना है कि दुख की इस घड़ी में उन्हें प्रशासनिक और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ा।

गांव में पसरा मातम, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

दुधवल गांव में इस हादसे के बाद शोक की लहर है। ग्रामीणों और परिजनों ने आपदा की स्थिति में मिलने वाली सरकारी सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संकट के समय यदि एंबुलेंस और अन्य जरूरी सहायता समय पर मिलती तो कम से कम परिजनों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।

फिलहाल पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं घायल बच्चे का इलाज जारी है।

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