अजय देवगन की ‘चौहान’ पर बवाल शुरू: कश्मीर, पत्थरबाजी और राजपूत विरासत को लेकर उठे सवाल, रिलीज से पहले घिरी विवादों में

नई दिल्ली: अभिनेता अजय देवगन की आगामी फिल्म ‘चौहान’ का ऐलान होते ही यह चर्चा के साथ-साथ विवादों के केंद्र में भी आ गई है। फिल्म का अनाउंसमेंट वीडियो सामने आने के बाद कश्मीर की प्रस्तुति, पत्थरबाजी से जुड़े दृश्यों और ‘चौहान’ नाम के इस्तेमाल को लेकर कई वर्गों ने आपत्ति जताई है। फिल्म अभी निर्माण के चरण में है, लेकिन इसकी पहली झलक ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों तक बहस छेड़ दी है।
टीज़र में सेना अधिकारी के किरदार में दिखे अजय देवगन
जारी किए गए टीज़र में अजय देवगन एक सेना अधिकारी की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जिसकी तैनाती कश्मीर में दिखाई गई है। वीडियो में पत्थरबाजी, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और मुख्य किरदार के आक्रामक अंदाज को प्रमुखता से दिखाया गया है। टीज़र के अंत में बोले गए संवाद और एक्शन से भरपूर प्रस्तुति ने इसे इंटरनेट पर तेजी से वायरल कर दिया।
कश्मीर की छवि को लेकर उठी आपत्ति
फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा सवाल कश्मीर की तस्वीर पेश करने के तरीके पर उठे हैं। आलोचकों का कहना है कि टीज़र में घाटी को एक बार फिर संघर्ष, हिंसा और टकराव के प्रतीक के रूप में दिखाया गया है, जबकि हाल के वर्षों में हुए सामाजिक बदलावों और सकारात्मक पहलुओं को पर्याप्त जगह नहीं दी गई। कई लोगों ने संवेदनशील विषयों को संतुलित तरीके से प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने जताई नाराजगी
श्रीनगर से सांसद आगा सैयद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने भी फिल्म के टीज़र पर प्रतिक्रिया देते हुए आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि कश्मीर में हिंसा और पैलेट गन जैसे मुद्दे हजारों लोगों के लिए केवल फिल्मी दृश्य नहीं, बल्कि वास्तविक और पीड़ादायक अनुभव रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विषयों को मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करते समय मानवीय संवेदनाओं और ऐतिहासिक संदर्भों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर की पहचान केवल संघर्ष तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को भी सामने लाया जाना चाहिए।
‘चौहान’ नाम को लेकर क्षत्रिय संगठनों की आपत्ति
फिल्म के शीर्षक को लेकर भी विरोध सामने आया है। क्षत्रिय समाज से जुड़े एक संगठन ने ‘चौहान’ नाम के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि चौहान राजवंश भारतीय इतिहास और गौरवशाली विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। संगठन का मानना है कि इस नाम को किसी विवादित या राजनीतिक संदर्भ से जोड़कर प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। उन्होंने निर्माताओं से सामाजिक भावनाओं और ऐतिहासिक पहचान का सम्मान करने की अपील की है।
‘सिंघम अगेन’ से होने लगी तुलना
विवाद के बीच अजय देवगन की पिछली फिल्मों की भी चर्चा शुरू हो गई है। खासकर ‘सिंघम अगेन’ का उदाहरण दिया जा रहा है, जिसमें कश्मीर की अपेक्षाकृत सकारात्मक और बदलती तस्वीर दिखाई गई थी। उस फिल्म में स्थानीय युवाओं और सुरक्षा बलों के बीच सहयोग को दर्शाया गया था, जिसे दर्शकों और समीक्षकों ने सराहा था। वहीं ‘चौहान’ के टीज़र में संघर्ष और पत्थरबाजी की पृष्ठभूमि दिखाए जाने के बाद दोनों फिल्मों की तुलना तेज हो गई है।
पूरी कहानी सामने आने का इंतजार
हालांकि अब तक फिल्म का केवल अनाउंसमेंट वीडियो जारी हुआ है और कहानी से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि केवल टीज़र के आधार पर अंतिम राय बनाना जल्दबाजी होगी। उनका कहना है कि फिल्म रिलीज होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कहानी का वास्तविक उद्देश्य क्या है और संवेदनशील मुद्दों को किस दृष्टिकोण से पेश किया गया है।



