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सरकार की सख्ती का दिखा असर, 4 दिन में 8 रुपये तक सस्ती हुई चीनी; कई शहरों में घटे दाम

नई दिल्ली: चीनी की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का असर अब बाजार में दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों में चीनी के भाव में नरमी आई है। दक्षिण महाराष्ट्र में जहां चीनी की कीमत करीब 62 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी, वहीं अब महाराष्ट्र में मिल स्तर पर यह करीब 51 से 52 रुपये प्रति किलो के भाव पर कारोबार कर रही है। कोलकाता में थोक कीमत करीब 53 रुपये प्रति किलो बताई जा रही है। कोलकाता पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चीनी की प्रमुख आपूर्ति मंडी है।

चीनी मंडी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, थोक और मिल स्तर पर कीमतों में आई गिरावट का असर अगले 3 से 5 दिनों में खुदरा बाजार में भी दिखाई दे सकता है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

खुदरा बाजार में कई शहरों में 8 रुपये तक घटे दाम
चीनी मंडी के ताजा भाव के अनुसार, बुधवार को दिल्ली में चीनी 62 रुपये प्रति किलो के भाव पर बिकी, जबकि यहां इसकी अधिकतम कीमत 68 रुपये प्रति किलो तक पहुंची थी। कानपुर में भाव 69 रुपये से घटकर 62 रुपये प्रति किलो हो गया है। मुंबई में चीनी की कीमत 68 रुपये से घटकर 61 रुपये प्रति किलो रह गई है।

इसी तरह गुवाहाटी में भाव 71 रुपये से घटकर 63 रुपये, हैदराबाद में 70 रुपये से घटकर 62 रुपये और चेन्नई में 70 रुपये से घटकर 65 रुपये प्रति किलो हो गया है।

थोक बाजार में भी कीमतों में बड़ी गिरावट
थोक बाजार में भी चीनी के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मुंबई में चीनी अपने उच्चतम स्तर से 950 रुपये प्रति क्विंटल सस्ती हो चुकी है। यहां कीमत 5,800 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गई है, जबकि 22 अगस्त को यह 6,750 रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी।

दिल्ली में चीनी का भाव फिलहाल 6,000 रुपये प्रति क्विंटल है। यहां कीमत 6,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई थी। वहीं, कानपुर में चार दिनों के भीतर चीनी के भाव में 600 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है। यहां कीमत घटकर 6,050 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।

स्टॉक सीमा तय करने से बाजार में बढ़ी उपलब्धता
कीमतों पर नियंत्रण के लिए सरकार ने बड़े उपभोक्ताओं और डीलरों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा तय की है। इससे उनके पास मौजूद अतिरिक्त चीनी बाजार में आने लगी और उपलब्धता बढ़ी। आपूर्ति में सुधार होने से कीमतों पर दबाव कम हुआ है।

जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई तेज
सरकार ने चीनी की जमाखोरी और स्टॉक छिपाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की है। देशभर में अब तक 1,000 से अधिक स्थानों पर छापेमारी या निरीक्षण किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा चीनी मिलों को अगस्त का निर्धारित कोटा जल्द बाजार में उतारने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मिलों ने अब तक अपना निर्धारित कोटा बाजार में नहीं भेजा है, उन्हें इसे जल्द बेचने को कहा गया है।

10 लाख मीट्रिक टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की मंजूरी
सरकार ने 21 अगस्त को 10 लाख मीट्रिक टन चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी थी। सूत्रों के अनुसार, निर्यातक देशों से करीब 70 से 80 हजार टन चीनी वाली 3 से 4 खेपें पहले ही रवाना हो चुकी हैं। इनके सितंबर के मध्य से अंत तक भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है।

त्योहारी सीजन से पहले कीमतों पर सरकार की नजर
अगस्त में बचा हुआ चीनी कोटा बाजार में आने, आयातित चीनी की खेपों के भारत पहुंचने और बंदरगाहों पर परिष्कृत होने वाली चीनी की उपलब्धता बढ़ने से प्रमुख खपत वाले क्षेत्रों में आपूर्ति बेहतर होने की उम्मीद है।

त्योहारी सीजन को देखते हुए सरकार की कोशिश बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रण में रखने की है। इन उपायों के प्रभावी रहने पर आने वाले हफ्तों में चीनी के भाव में और नरमी देखने को मिल सकती है।

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