उत्तर प्रदेशराज्य

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर अखिलेश यादव का बड़ा ऐलान, मानदेय तीन गुना करने का वादा; सेवानिवृत्ति उम्र भी बढ़ेगी

लखनऊ: समाजवादी पार्टी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लेकर अपना नया पीडीए ऑडिट जारी किया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को जारी किए गए इस ऑडिट में आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय, सेवानिवृत्ति और दूसरी सुविधाओं को लेकर कई बड़े वादे किए हैं। पार्टी ने सरकार बनने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय में तीन गुना बढ़ोतरी करने तथा सेवानिवृत्ति की उम्र 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की बात कही है।

पीडीए ऑडिट में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में तीन लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं काम कर रही हैं। इसमें दावा किया गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वर्तमान में 6000 रुपये और सहायिकाओं को 3000 रुपये मासिक मानदेय मिलता है, जो न्यूनतम वेतन से कम है। ऑडिट में यह भी कहा गया है कि राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले अतिरिक्त मानदेय के मामले में उत्तर प्रदेश देश में 25वें स्थान पर है।

सपा सरकार बनने पर मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी का वादा
सपा ने अपने ऑडिट में कहा है कि सरकार बनने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए प्रदेश सरकार की ओर से दिए जाने वाले अतिरिक्त मानदेय में 12000 रुपये से अधिक और सहायिकाओं के लिए 6000 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके अलावा 10 और 20 साल की सेवा पूरी करने वालों को अतिरिक्त मासिक मानदेय देने का भी वादा किया गया है।

सेवानिवृत्ति पर मिलेगी ग्रेच्युटी, उम्र 65 साल करने की बात
प्रस्ताव के मुताबिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति आयु 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाएगी। सेवानिवृत्ति के समय कार्यकर्ताओं को तीन लाख रुपये और सहायिकाओं को दो लाख रुपये की ग्रेच्युटी देने का वादा किया गया है। सपा ने पेंशन, ग्रेच्युटी और बीमा जैसे मामलों के लिए अलग वेलफेयर बोर्ड बनाने की बात भी कही है।

चुनावी ड्यूटी और दूसरे कामों के लिए मिलेगा अतिरिक्त भत्ता
ऑडिट में कहा गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की जिम्मेदारी केवल आंगनबाड़ी से संबंधित कार्यों तक सीमित रखी जाएगी। यदि उनसे चुनाव ड्यूटी, सर्वेक्षण या जनगणना जैसे अतिरिक्त कार्य कराए जाते हैं तो इसके लिए अलग से भत्ता दिया जाएगा। घर-घर संपर्क, बैठकों, पोषण वितरण और क्षेत्रीय भ्रमण के लिए मासिक यात्रा भत्ता देने का भी वादा किया गया है।

हर तीन साल में स्मार्टफोन देने का वादा
सपा ने आंगनबाड़ी कर्मियों को तकनीकी सुविधा देने की भी बात कही है। वादे के मुताबिक प्रत्येक तीन वर्ष में काम करने के लिए स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा सेवा के दौरान मिलने वाली सुविधाओं में सुधार का भी प्रस्ताव रखा गया है।

दुर्घटना और मृत्यु की स्थिति में मुआवजे का ऐलान
सपा के पीडीए ऑडिट के अनुसार दुर्घटना में गंभीर चोट लगने पर तीन लाख रुपये और मृत्यु होने की स्थिति में पांच लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। मृत्यु होने पर आश्रित परिवार के सदस्य को रोजगार देने का भी वादा किया गया है।

सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने का भी प्रयास
ऑडिट में कहा गया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा और अन्य कल्याणकारी मुद्दों के लिए अलग व्यवस्था बनाने की बात कही गई है। सपा ने अपने दस्तावेज में मौजूदा व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्ति भुगतान, पेंशन, वेलफेयर बोर्ड, वरिष्ठता के आधार पर मानदेय बढ़ोतरी और मृत्यु मुआवजे जैसी सुविधाएं नहीं मिलने का दावा किया है।

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