
नई दिल्ली: अगर आपको बार-बार चिंता, तनाव या घबराहट महसूस होती है, तो अपनी रोजमर्रा की जीवनशैली पर भी ध्यान देना जरूरी है। कुछ आदतें और दिनचर्या से जुड़ी चीजें स्ट्रेस और एंजायटी को बढ़ाने में भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे में समय रहते इन पर ध्यान देना और जरूरत के अनुसार बदलाव करना मददगार हो सकता है।
धूप से दूरी
अगर आप दिनभर सूरज की रोशनी से दूर रहते हैं और बिल्कुल भी धूप नहीं लेते, तो इसका असर आपके मूड पर पड़ सकता है। सूर्य की रोशनी शरीर में सेरोटोनिन के स्तर को प्रभावित करती है और विटामिन डी का स्रोत भी है। ये दोनों ही शरीर और मूड से जुड़े महत्वपूर्ण कारक हैं।
सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल
सोशल मीडिया पर लंबे समय तक समय बिताना भी तनाव और एंजायटी को बढ़ा सकता है। दूसरे लोगों की तस्वीरें और जीवनशैली देखकर कई बार व्यक्ति खुद की तुलना उनसे करने लगता है। इससे नकारात्मक भावनाएं बढ़ सकती हैं और मानसिक तनाव महसूस हो सकता है।
जरूरत से ज्यादा मीठा खाना
बहुत ज्यादा चीनी या मीठी चीजों का सेवन भी शरीर पर असर डाल सकता है। मीठा खाने के बाद कुछ समय के लिए ऊर्जा और मूड में बदलाव महसूस हो सकता है, लेकिन ब्लड शुगर में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। ऐसे बदलाव कुछ लोगों में तनाव और बेचैनी जैसी भावनाओं को बढ़ा सकते हैं।
कैफीन का अधिक सेवन
सीमित मात्रा में कैफीन का सेवन कई लोगों के लिए सामान्य हो सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा कैफीन लेने पर परेशानी हो सकती है। अधिक कैफीन से दिल की धड़कन तेज होना और नींद प्रभावित होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इससे कुछ लोगों को तनाव या घबराहट ज्यादा महसूस हो सकती है।
एक्सरसाइज की कमी
शारीरिक गतिविधि से पूरी तरह दूरी बनाकर रखना भी तनाव और एंजायटी के लिए अच्छा नहीं माना जाता। अगर आप लंबे समय तक बैठे रहते हैं और शरीर को पर्याप्त सक्रिय नहीं रखते, तो अपनी दिनचर्या में हल्की गतिविधियां शामिल कर सकते हैं। बाहर थोड़ी देर टहलना या घर की साफ-सफाई जैसे काम शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकते हैं और तनाव कम करने में सहायक हो सकते हैं।



