
पटना: बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4.0) को लेकर अभ्यर्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में करीब 9.95 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया है। 33,320 पदों पर होने वाली इस भर्ती के लिए मिले रिकॉर्ड आवेदनों ने प्रतियोगिता को बेहद कठिन बना दिया है। खास बात यह है कि बिहार के साथ दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों ने भी बड़ी संख्या में आवेदन किया है। इनमें उत्तर प्रदेश के उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक बताई जा रही है। प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए यूपी से सबसे ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं।
करीब 10 लाख अभ्यर्थियों के बीच होगा मुकाबला
बीपीएससी टीआरई-4.0 के लिए आवेदन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इस बार प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के पदों के लिए बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की है। पहली से पांचवीं कक्षा और माध्यमिक स्तर के पदों पर आवेदन का आंकड़ा काफी अधिक रहा है। बाहरी राज्यों से आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या भी एक लाख से अधिक बताई जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने के बाद इस बार चयन की राह अभ्यर्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाली है।
दो साल के अंतराल ने बढ़ाई आवेदन करने वालों की संख्या
चौथे चरण की शिक्षक भर्ती में करीब दो साल का अंतराल भी बड़ी संख्या में आवेदन आने की अहम वजह माना जा रहा है। इस दौरान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिला। इसका फायदा उठाते हुए बिहार के अलावा दूसरे राज्यों के युवाओं ने भी आवेदन किया है। खासकर प्राथमिक शिक्षक यानी कक्षा एक से पांचवीं तक के पदों के लिए उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आवेदन किया है।
जनवरी-फरवरी में प्रस्तावित है परीक्षा
चौथे चरण की बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा जनवरी से फरवरी के बीच आयोजित होने की संभावना है। हालांकि, परीक्षा की अंतिम तारीख को लेकर अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा। परीक्षा कार्यक्रम जारी होने के बाद उम्मीदवारों को तैयारी और परीक्षा से जुड़ी आगे की प्रक्रिया की जानकारी मिल सकेगी।
एसटीईटी से बढ़ी योग्य अभ्यर्थियों की संख्या
बिहार में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगातार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (STET) आयोजित होने से शिक्षक भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवारों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। पात्रता परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल रहा है। इसके अलावा दो अवसरों पर परीक्षा में बैठने की अनुमति दिए जाने से भी आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है।
किस कक्षा के लिए कितने पदों पर होगी भर्ती?
बीपीएससी की चौथी शिक्षक भर्ती में अलग-अलग कक्षाओं के लिए पद निर्धारित किए गए हैं। उपलब्ध विवरण के अनुसार पदों का ब्योरा इस प्रकार है।
- कक्षा 1 से 5वीं तक – 3,847 पद
- कक्षा 6 से 8वीं तक – 8,563 पद
- कक्षा 9वीं से 10वीं तक – 4,380 पद
- कक्षा 11वीं से 12वीं तक – 16,540 पद
इस तरह दिए गए वर्गवार आंकड़ों के मुताबिक कुल पदों की संख्या 33,330 होती है, जबकि भर्ती के कुल पदों की संख्या 33,320 बताई गई है।
इस बार ओएमआर शीट में मिलेगा पांचवां विकल्प
इस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पहले जहां प्रश्नों के उत्तर के लिए चार विकल्प दिए जाते थे, वहीं अब पांचवां विकल्प भी शामिल किया गया है। यदि कोई अभ्यर्थी किसी सवाल का जवाब नहीं देना चाहता है तो उसे पांचवें विकल्प का गोला भरना होगा।
ऐसा नहीं करने पर संबंधित प्रश्न के लिए एक-तिहाई अंक काटे जाएंगे। यानी किसी सवाल को खाली छोड़ने पर भी निगेटिव मार्किंग का नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए अभ्यर्थियों को ओएमआर शीट भरते समय विशेष सावधानी बरतनी होगी।
सिंगल लिखित परीक्षा से होगा चयन, कटऑफ बढ़ने के आसार
बीपीएससी टीआरई-4.0 में चयन एकल लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा में एक-तिहाई अंक की निगेटिव मार्किंग लागू रहेगी। ऐसे में बिना सोचे-समझे जवाब देना उम्मीदवारों को भारी पड़ सकता है। करीब 10 लाख आवेदन और सीमित पदों को देखते हुए इस बार कटऑफ ऊंचा जाने की संभावना जताई जा रही है। खासकर प्राथमिक शिक्षक पदों के लिए सबसे अधिक आवेदन मिलने से अभ्यर्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।



