‘गरबा में एंट्री से पहले गौमूत्र पिलाएं’, धीरेंद्र शास्त्री का बयान चर्चा में; बेटियों से बोले- ‘दुर्गा बनना, काली बनना’

छतरपुर: नवरात्र के दौरान गरबा आयोजन और महिलाओं को लेकर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का एक बयान चर्चा में है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में शास्त्री गरबा पंडालों में प्रवेश से पहले गौमूत्र पिलाने का सुझाव देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर आशंका जताई कि कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर गरबा में शामिल हो सकते हैं। इसी दौरान उन्होंने बेटियों को संबोधित करते हुए बुर्के का जिक्र भी किया।
‘दुर्गा बनना, काली बनना, पर कभी न बुर्के वाली बनना’
वीडियो में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महिलाओं और बेटियों से हाथ उठाने के लिए कहते हैं। इसके बाद वह हाथ जोड़कर कहते हैं, “बेटियों तुम दुर्गा बनना, काली बनना, पर कभी न बुर्के वाली बनना।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में वह धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी अपनी बात रखते हुए महिलाओं को संबोधित करते दिखाई देते हैं।
गरबा पंडाल में गौमूत्र पिलाकर प्रवेश देने का सुझाव
धीरेंद्र शास्त्री ने गरबा आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि नवरात्र के दौरान कुछ लोग कथित तौर पर नाम और भेष बदलकर कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने सुझाव दिया कि गरबा पंडालों के बाहर लोगों को गौमूत्र पिलाकर प्रवेश दिया जाए।
उन्होंने कहा कि गरबा में अलग-अलग तरह के लोग नाम बदलकर या पहचान छिपाकर आ सकते हैं। उनका यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रसारित वीडियो के जरिए सामने आया है।
हालांकि, वीडियो में लगाए गए आशंकाओं से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि खबर में नहीं दी गई है।
इंस्टाग्राम इस्तेमाल करने वाले युवाओं को भी दी सलाह
धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं और बेटियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि इंस्टाग्राम पर किसी व्यक्ति की सुंदर तस्वीर देखकर उसके चरित्र का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
उन्होंने युवाओं को ऑनलाइन संपर्कों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि जीवनसाथी या साथी चुनते समय केवल सुंदरता के बजाय समझदारी को महत्व देना चाहिए।
बागेश्वर धाम आने वाली महिलाओं से पहले भी की थी अपील
इससे पहले भी धीरेंद्र शास्त्री महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर बयान दे चुके हैं। उन्होंने बागेश्वर धाम आने वाली महिलाओं से अकेले यात्रा नहीं करने की अपील की थी।
उन्होंने कहा था कि माताएं और बहनें संभव हो तो अपने साथ किसी परिचित को लेकर आएं। यदि अकेले आती हैं, तो किसी अनजान व्यक्ति या सेवादार पर आंख बंद करके भरोसा न करें। उन्होंने धाम में लंबे समय तक ठहरने से बचने और अपनी सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की सलाह भी दी थी।



