रेलवे के बाद डाक विभाग के कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 60 दिन के वेतन के बराबर मिलेगा बोनस, जानें किसे होगा फायदा

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन में सरकारी कर्मचारियों के लिए बोनस को लेकर एक और बड़ी खबर है। भारतीय डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को बोनस देने की मंजूरी दी है। इसके तहत नियमित कर्मचारियों को 60 दिन के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस मिलेगा। इसके अलावा ग्रामीण डाक सेवकों और पात्र अस्थायी कर्मचारियों को भी अलग-अलग नियमों के तहत बोनस का लाभ दिया जाएगा।
डाक विभाग ने किस बोनस को दी मंजूरी?
डाक विभाग के आदेश के अनुसार, पात्र नियमित कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 60 दिनों के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) दिया जाएगा। वहीं, नियमित रूप से काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को अनुग्रह राशि के रूप में बोनस मिलेगा। पात्र पूर्णकालिक अस्थायी कर्मचारियों को तदर्थ बोनस दिया जाएगा।
हालांकि, कर्मचारियों को मिलने वाली बोनस की राशि उनके वेतन की निर्धारित सीमा, काम किए गए दिनों और कर्मचारी की श्रेणी के आधार पर तय होगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस का लाभ?
डाक विभाग के आदेश के तहत तीन श्रेणियों के कर्मचारियों को बोनस का लाभ दिया जाएगा।
नियमित कर्मचारी: इसमें मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस), ग्रुप सी और गैर-राजपत्रित ग्रुप बी के कर्मचारी शामिल हैं।
ग्रामीण डाक सेवक: नियमित रूप से काम करने वाले ग्रामीण डाक सेवकों को अनुग्रह बोनस दिया जाएगा।
अस्थायी कर्मचारी: पात्र पूर्णकालिक अस्थायी श्रमिकों और अस्थायी दर्जा प्राप्त कर्मचारियों को तदर्थ बोनस मिलेगा। हालांकि, इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
कैसे तय होगी बोनस की रकम?
नियमित डाक कर्मचारियों के बोनस की गणना 60 दिनों के आधार पर की जाएगी। इसके लिए कर्मचारी के औसत मासिक वेतन को बोनस के निर्धारित दिनों से गुणा करके 30.4 से भाग दिया जाएगा।
बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन सीमा 7,000 रुपये तय की गई है। यानी यदि किसी कर्मचारी का वास्तविक मासिक वेतन 7,000 रुपये से अधिक है, तो भी बोनस की गणना अधिकतम 7,000 रुपये के आधार पर ही होगी। ग्रामीण डाक सेवकों के मामले में भी यही नियम लागू होगा।
अस्थायी कर्मचारियों के लिए क्या हैं शर्तें?
पूर्णकालिक अस्थायी कर्मचारियों को तदर्थ बोनस देने के लिए निर्धारित पात्रता शर्तें रखी गई हैं। इसके तहत कर्मचारी ने 31 मार्च 2026 तक लगातार तीन साल या उससे अधिक समय तक निर्धारित दिनों के अनुसार काम किया हो।
इसके अलावा, जो कर्मचारी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच इस्तीफा देते हैं, सेवानिवृत्त होते हैं, नौकरी छोड़ते हैं या प्रतिनियुक्ति पर जाते हैं, वे भी नियमित कर्मचारियों पर लागू नियमों के अनुसार बोनस पाने के पात्र होंगे।
रेलवे के 11.4 लाख कर्मचारियों को भी मिला बोनस
इससे पहले केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे के करीब 11.4 लाख कर्मचारियों के लिए 78 दिन के उत्पादकता आधारित बोनस की घोषणा की थी। इसके लिए कुल 2,009.61 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के बोनस की अधिकतम राशि 17,951 रुपये तय की गई है।
रेलवे में ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर, पर्यवेक्षक, तकनीशियन, तकनीशियन सहायक, पॉइंट्समैन, मंत्रालय के कर्मचारी और ग्रुप सी के अन्य पात्र कर्मचारी इस बोनस का लाभ उठा सकते हैं। रेलवे कर्मचारियों को यह बोनस हर साल दिया जाता है।



