मणिपुर में दो लोगों की हत्या के बाद भड़का गुस्सा, मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन; पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

नई दिल्ली: मणिपुर में दो मेतेई लोगों की कथित हत्या के बाद तनाव बढ़ गया है। सोमवार को प्रदर्शनकारी एक शव लेकर इंफाल में मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह के बंगले के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों लोगों की हत्या उस समय की गई, जब वे जंगल में जलाने के लिए लकड़ियां इकट्ठा करने गए थे।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले
अधिकारियों के अनुसार, इंफाल पूर्व और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास लकड़ियां इकट्ठा करने गए लोगों के एक समूह पर कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों ने गोलीबारी की। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय अरुबाम रोनिल और 51 वर्षीय लैरेनलाकपम इनाओबी के रूप में हुई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। प्रदर्शनकारी शव लेकर मुख्यमंत्री के आवास के बाहर पहुंचे और वहां विरोध जताने लगे। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जेएनआईएमएस) ले जाया गया।
यह घटना इंफाल पूर्व के नोंगशुम गांव से कुछ दूरी पर कांगपोकपी जिले के खोंगबल सुनुरोक उयोक इलाके में हुई। अधिकारियों के मुताबिक, 16 लोगों का एक समूह सोमवार सुबह करीब सात बजे अपने गांव के पास की पहाड़ियों में लकड़ियां इकट्ठा करने गया था। इसी दौरान उन पर हमला हुआ। घटना के बाद तीन लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई है।
हालांकि, प्रदर्शन शुरू होने के समय मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह अपने आवास पर मौजूद थे या नहीं, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी।
मणिपुर में लगातार सामने आ रही हिंसा की घटनाएं
मणिपुर में ताजा हत्याओं के बीच शनिवार को कामजोंग जिले के चसाद गांव में भी हिंसा हुई थी। यहां कुकी गांव में कुकी और नागा समुदायों के हथियारबंद समूहों के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें 36 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
एक अधिकारी के मुताबिक, गांव के मुखिया थंगजाहो हाओकिप (48) के अलावा खैलुन हाओकिप (57), सेखोहो हाओकिप (36), हेगिन हाओकिप (48) और सेपाओ हाओकिप (55) घायल हुए थे। असम राइफल्स के जवानों ने सभी घायलों को बचाया और चसाद में अर्धसैनिक बल के अस्पताल पहुंचाया। बाद में सेखोहो हाओकिप की चोटों के कारण मौत हो गई।
मणिपुर में लगातार हो रही हिंसक घटनाओं के बीच ताजा हत्याओं ने एक बार फिर तनाव बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर किए गए प्रदर्शन से राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता और गहरा गई है।



