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केरल में स्पा सेंटरों की आड़ में अवैध धंधों पर सख्ती, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला बोले- दोषियों को नहीं बख्शेंगे

तिरुवनंतपुरम: केरल में स्पा सेंटरों की आड़ में कथित अवैध गतिविधियों और महिलाओं के यौन शोषण के मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने सोमवार को चेतावनी दी कि ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच और निगरानी तेज की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य में रोजगार की तलाश में आई महिलाओं और एक नाबालिग लड़की के शोषण के कई मामले सामने आने के बाद स्पा और वेलनेस केंद्रों के संचालन तथा निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

कोवलम के स्पा में 16 वर्षीय लड़की के शोषण का आरोप

हालिया मामला कोवलम के एक स्पा से जुड़ा है, जहां आंध्र प्रदेश की 16 वर्षीय लड़की के कथित यौन शोषण का मामला सामने आया। बताया गया है कि माता-पिता को खो चुकी इस लड़की को उसकी मौसी और मौसा केरल लेकर आए थे। आरोप है कि यहां कई महीनों तक उसका शोषण किया गया।

इस मामले में स्पा के दो संचालकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अन्य संभावित आरोपियों की पहचान करने के लिए साइबर विशेषज्ञों को शामिल करते हुए विशेष जांच दल बनाया है। जांचकर्ता एक नगर निगम स्वास्थ्य निरीक्षक से जुड़े कथित बेनामी संबंधों की भी पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि इस मामले में बिचौलियों और ग्राहकों से जुड़ा व्यापक नेटवर्क हो सकता है।

कोच्चि में नौकरी का झांसा देकर महिला के यौन उत्पीड़न का आरोप

कोच्चि में भी स्पा में नौकरी देने के नाम पर महिला के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला ने स्पा में काम करने का प्रस्ताव स्वीकार किया था, लेकिन उसे एडप्पल्ली के एक लॉज में ले जाया गया। वहां कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर उसका यौन उत्पीड़न किया गया।

इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां आरोपियों के अन्य स्पा प्रतिष्ठानों से कथित संबंधों की भी जांच कर रही हैं। जांच में यह आशंका जताई गई है कि मुख्य आरोपी की शहर में संचालित कई स्पा इकाइयों में हिस्सेदारी हो सकती है।

तिरुवल्ला में फिरौती के विवाद के बाद महिला कर्मचारी पर हमला

इस साल की शुरुआत में तिरुवल्ला से भी एक गंभीर मामला सामने आया था। यहां एक आयुर्वेदिक स्पा में काम करने वाली महिला के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया। पुलिस के मुताबिक, एक समूह ने महिला से फिरौती की रकम मांगी थी और रकम देने से इनकार करने के बाद उस पर हमला किया गया।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के कारण स्पा केंद्रों के संचालन और नियमन की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यह जांच का विषय है कि बिना वैध लाइसेंस के कुछ प्रतिष्ठान कैसे संचालित हो रहे हैं और महिलाओं तथा नाबालिगों के शोषण जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए मौजूदा निरीक्षण व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

‘ऑपरेशन स्पा’ के तहत 586 केंद्रों का निरीक्षण

पुलिस ने अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ‘ऑपरेशन स्पा’ के तहत राज्यभर में जांच अभियान शुरू किया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, केरल में पंजीकृत 821 स्पा केंद्रों में से 586 का निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान 14 मामले दर्ज किए गए और नियमों का उल्लंघन करने वाले 44 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए।

अभियान के तहत स्पा केंद्रों के लाइसेंस, संचालन और नियमों के पालन की जांच की जा रही है। अब चुनौती यह है कि कार्रवाई केवल गंभीर घटनाओं के बाद तक सीमित न रहे, बल्कि नियमित निगरानी के जरिए ऐसी गतिविधियों को पहले ही रोका जा सके।

लाइसेंसिंग और नियमित निगरानी पर जोर

स्पा और वेलनेस केंद्रों के संचालन में नियमों का पालन सुनिश्चित करने के साथ यह भी जरूरी है कि वैध चिकित्सीय और स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले प्रतिष्ठानों को गलत गतिविधियों में शामिल केंद्रों के समान न माना जाए। वहीं, किसी भी प्रतिष्ठान का इस्तेमाल महिलाओं या नाबालिगों के शोषण के लिए किए जाने पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जरूरत है।

प्रभावी लाइसेंस व्यवस्था, नियमित निरीक्षण, कर्मचारियों का सत्यापन और लगातार पुलिस निगरानी ऐसे मामलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। गृह मंत्री की चेतावनी के बीच अब राज्य में स्पा केंद्रों की जांच और नियमों के पालन पर प्रशासन की कार्रवाई अहम होगी।

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