
UP Politics: सपा-कांग्रेस गठबंधन में मुस्लिमों के लिए 100 सीटों की मांग, कांग्रेस नेता हसीब खान के बयान से बढ़ी सियासी हलचल
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन को लेकर सीटों के बंटवारे पर नई बहस छिड़ गई है। कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष हसीब खान ने गठबंधन में मुस्लिम समुदाय के लिए 100 सीटें देने की मांग की है। उनका कहना है कि मुसलमानों की आबादी और हिस्सेदारी को देखते हुए उन्हें चुनाव में पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। हसीब खान ने साफ कहा कि अगर गठबंधन में हिस्सेदारी की बात होगी, तो मुस्लिम समुदाय के लिए 100 सीटों से कम पर सहमति नहीं बननी चाहिए।
हसीब खान बोले- मुस्लिमों को मिलनी चाहिए 100 सीटें
कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के उपाध्यक्ष हसीब खान ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन में 100 सीटें मुस्लिम समुदाय के लिए निर्धारित होनी चाहिए, जबकि बाकी सीटें अन्य वर्गों के लिए रखी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वे समाजवादी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में इसलिए आए, क्योंकि उनके मुताबिक कांग्रेस में मुसलमानों समेत सभी वर्गों का सम्मान किया जाता है। हसीब खान का कहना है कि मुस्लिम समुदाय की करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी केवल वोट देने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि सीटों के बंटवारे में भी उसे उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
उन्होंने मुस्लिम बहुल सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने की भी मांग की। हालांकि, सीटों के बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच किसी आधिकारिक सहमति की जानकारी सामने नहीं आई है।
आजम खान से मिलने रामपुर जाएंगे अखिलेश यादव
इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव रामपुर जाकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, अखिलेश यादव दोपहर 12:20 बजे निजी हेलीकॉप्टर से जौहर यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर पहुंचेंगे। इसके बाद वह रामपुर जिला जेल जाकर आजम खान से मुलाकात करेंगे।
इस दौरे को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। आगामी चुनावों के मद्देनजर अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात को सियासी नजरिए से भी देखा जा रहा है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने दौरे पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव के रामपुर दौरे पर मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने टिप्पणी की है। उनका कहना है कि 370 दिनों के बाद आजम खान से मिलने के लिए अखिलेश यादव का रामपुर जाना चुनाव से पहले मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने की रणनीति है।
उन्होंने दावा किया कि यह कोशिश सफल नहीं होगी, क्योंकि उनके अनुसार आजम खान का राजनीतिक प्रभाव खत्म हो चुका है। इस टिप्पणी के साथ उन्होंने कहा, “बहुत देर कर दी मेहरबान आते-आते।” यह मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की राजनीतिक टिप्पणी है, न कि किसी चुनावी नतीजे की पुष्टि।
दानिश आजाद अंसारी ने सपा के शासनकाल पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा को पहले 2012 से 2017 के बीच अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए।
दानिश आजाद अंसारी ने उस कार्यकाल को हत्या, लूट, दंगे, कर्फ्यू और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए आलोचना की। उनके बयान से प्रदेश में सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा भी सामने आया है।



