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विश्व खाद्य पुरस्कार फाउंडेशन संगोष्ठी में भारत की कृषि उत्कृष्टता का प्रदर्शन, भारतीय छात्र ने जीता ग्लोबल यूथ इंस्टीट्यूट पुरस्कार

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज (एनएएएस), नई दिल्ली ने अमेरिका के आयोवा स्थित डेस मोइनेस में 20 से 22 अक्टूबर तक आयोजित ‘नॉर्मन ई. बोरलॉग इंटरनेशनल डायलॉग-2026’ में भारत के कृषि अनुसंधान और वैज्ञानिक उत्कृष्टता को प्रदर्शित किया। वर्ल्ड फूड प्राइज फाउंडेशन के इस प्रतिष्ठित आयोजन की थीम ‘बिफोर हंगर विन्स’ थी।

कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के प्रकाशनों की प्रदर्शनी, युवा भारतीय छात्रों की भागीदारी, कृषि उच्च शिक्षा पर गोलमेज चर्चा और एनएएएस तथा काउंसिल फॉर एग्रीकल्चरल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (सीएएसटी), अमेरिका के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर प्रमुख आकर्षण रहे।

भारतीय छात्र ने जीता ग्लोबल यूथ इंस्टीट्यूट अवार्ड

भारत के विभिन्न हिस्सों से एनएएएस-डब्ल्यूएफपीएफ चयन प्रक्रिया के जरिए चुने गए सात हाई स्कूल छात्रों ने ग्लोबल यूथ इंस्टीट्यूट (जीवाईआई) कार्यक्रम में हिस्सा लिया। छात्रों ने खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए और अंतरराष्ट्रीय स्तर के अन्य युवा प्रतिभागियों के साथ विचार साझा किए।

एनएएएस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि रही कि अमीना नसरीन ए.एस. ने 500 अमेरिकी डॉलर के नकद पुरस्कार वाला जीवाईआई अवार्ड जीता। इससे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय युवा प्रतिभाओं की क्षमता को पहचान मिली।

बोरलॉग इंटरनेशनल डायलॉग के साथ आयोजित ‘कृषि उच्च शिक्षा’ पर विशेष गोलमेज चर्चा में भारतीय कृषि समुदाय के विशेषज्ञों ने वैश्विक साझेदारियों के जरिए कृषि शिक्षा में बदलाव की संभावनाओं पर चर्चा की। वर्चुअली संबोधित करते हुए एनएएएस के अध्यक्ष, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट ने कृषि उच्च शिक्षा को भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की जरूरत बताई।

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