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दो महीने से किराया नहीं मिला तो मकान मालिक ने खोला फ्लैट का दरवाजा, अंदर बिखरे मिले 500 रुपये जैसे नोट; पुलिस ने 37.83 लाख का सामान किया जब्त

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में किराए के एक फ्लैट से 500 रुपये के नोट जैसे दिखने वाले छपे कागज और छपाई से जुड़े उपकरण मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके से एक लैपटॉप, कलर प्रिंटर, पेपर कटर और अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत 37,83,600 रुपये बताई गई है। इस मामले में 29 वर्षीय पुष्पम कृष्ण बंदने के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 178, 180 और 181 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि बरामद कागज जाली मुद्रा तैयार करने के लिए छापे गए थे या उनका कोई दूसरा उद्देश्य था।

मामले का खुलासा शनिवार को उस समय हुआ, जब मकान मालिक रमेश गंगाधर हरदे वाठोडा इलाके की थ्री स्टार कोऑपरेटिव सोसाइटी स्थित फ्लैट पर किराया लेने पहुंचे। बताया गया है कि किरायेदार ने पिछले दो महीने से किराया नहीं दिया था। मकान मालिक ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने अतिरिक्त चाबी से दरवाजा खोला।

फ्लैट के अंदर पहुंचने पर मकान मालिक ने सोफे पर 500 रुपये के नोटों जैसे दिखने वाले कागज बिखरे देखे। यह नजारा देखकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंच गवाहों की मौजूदगी में फ्लैट की तलाशी ली।

फ्लैट से मिले नोटों जैसे छपे कागज और छपाई के उपकरण

पुलिस की तलाशी के दौरान ऐसे कागज बरामद हुए, जिन पर 500 रुपये के नोटों जैसे डिजाइन, प्रतीक और अक्षर छपे हुए थे। कुछ कागजों पर केवल एक तरफ छपाई की गई थी, जबकि कुछ पर दोनों तरफ छपाई मिली। इसके अलावा प्लास्टिक में लिपटे हुए कागजों के बंडल भी बरामद किए गए।

मौके से पुलिस ने एक एएसयूएस लैपटॉप, एक एप्सन कलर प्रिंटर, दो ए4 पेपर कटर, सादे कागज, अलग-अलग रंगों की स्याही की बोतलें, केबल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए। इन सभी वस्तुओं को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।

37.83 लाख रुपये आंकी गई जब्त सामान की कीमत

पुलिस के अनुसार, जब्त की गई सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 37 लाख 83 हजार 600 रुपये है। इसमें लैपटॉप की कीमत 30 हजार रुपये, कलर प्रिंटर की कीमत 40 हजार रुपये और दो पेपर कटर की कीमत 10 हजार रुपये बताई गई है।

हालांकि, इस रकम को बरामद जाली नोटों का मूल्य मानना सही नहीं होगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कागजों की वास्तविक प्रकृति क्या है, उनकी कुल मात्रा कितनी है और क्या उनका इस्तेमाल असली मुद्रा की नकल तैयार करने के लिए किया जाना था। इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।

जाली नोट तैयार करने की आशंका, पुलिस हर पहलू की कर रही जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नोटों जैसे दिखने वाले कागज किस उद्देश्य से छापे गए थे। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इन कागजों को असली मुद्रा बताकर चलाने की कोशिश की गई थी और इस गतिविधि में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी है या नहीं।

मामले में फोरेंसिक जांच और संभावित वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के नतीजों से बरामद सामग्री की वास्तविक प्रकृति और उसके इस्तेमाल के उद्देश्य का पता चल सकेगा।

वाठोडा पुलिस थाने में इस मामले को अपराध संख्या 553/2026 के तहत दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और बरामद कागजों को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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