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पंजाब को पहली बार एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, जालंधर-मोहाली में होंगे मुकाबले; स्टेडियमों पर खर्च होंगे 25 करोड़ रुपये

मोहाली: पंजाब पहली बार एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करने जा रहा है। मोहाली के मेयर सरबजीत सिंह ने इसे राज्य के लिए गर्व का अवसर बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब को इस अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का मौका मिला है। उनके मुताबिक, इससे राज्य में हॉकी समेत अन्य खेलों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं की खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी।

सरबजीत सिंह ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि टूर्नामेंट के लीग मुकाबले 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक जालंधर में खेले जाएंगे। इसके बाद सेमीफाइनल, फाइनल और तीसरे स्थान के मुकाबले 4 और 5 नवंबर को मोहाली में आयोजित होंगे।

एशिया की छह टीमें लेंगी हिस्सा

इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत, बांग्लादेश, जापान, चीन, मलेशिया और दक्षिण कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। मुकाबलों के आयोजन से पंजाब को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्टेडियमों के उन्नयन पर खर्च होंगे 25 करोड़ रुपये

मेयर सरबजीत सिंह के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने जालंधर और मोहाली के स्टेडियमों के उन्नयन पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। इसमें जालंधर के स्टेडियमों के लिए लगभग 16 करोड़ रुपये और मोहाली के स्टेडियमों के लिए करीब 8.90 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

उन्होंने कहा कि खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर माहौल मिलेगा।

‘खेल क्रांति’ के तहत खिलाड़ियों को प्रोत्साहन

सरबजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू की गई ‘खेल क्रांति’ के तहत राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार अब तक करीब 40 हजार खिलाड़ियों को लगभग 135 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि दे चुकी है।

उन्होंने बताया कि पंजाब के विभिन्न हिस्सों में नए स्टेडियम भी बनाए जा रहे हैं। मोहाली में करीब 32 स्टेडियम निर्माणाधीन हैं, जिनसे स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास और अपनी प्रतिभा निखारने के अवसर मिलने की उम्मीद है।

दर्शकों के लिए प्रवेश मुफ्त रखने की अपील

मेयर ने कहा कि खेलों को बढ़ावा देना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं। उनके अनुसार, टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों के लिए स्टेडियम में प्रवेश पूरी तरह मुफ्त रहेगा।

उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। सरबजीत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने और उनके लिए सकारात्मक अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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