“जागरूक नागरिक, सुरक्षित भारत” मुस्लिम महिलाएं भी राष्ट्र की प्रहरी: शाहीन परवेज
आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन नंबर 112 पर भी सूचना दी जा सकती है।
मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर सेक्टर 9 में एडवोकेट और सामाजिक कार्यकर्ता शाहीन परवेज की अध्यक्षता में मुस्लिम महिलाओं की एक बैठक हुई। इस बैठक में महिलाओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने पर चर्चा हुई।
राष्ट्र की सुरक्षा, सामाजिक एकता और आतंकवाद के विरुद्ध जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सामाजिक कार्यकर्ता एवं एडवोकेट शाहीन परवेज ने अपने आवास पर शहर की कुछ सम्मानित एवं जागरूक महिलाओं की बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा केवल सेना, पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान है।
हर नागरिक राष्ट्र का प्रहरी बन सकता है
शाहीन परवेज ने कहा कि हर नागरिक राष्ट्र का प्रहरी बन सकता है और महिलाएं भी राष्ट्र की सुरक्षा एवं जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसके लिए किसी महिला या पुरुष का सेना अथवा पुलिस में होना जरूरी नहीं है। एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सजग रहना और सही समय पर उचित अधिकारी को सूचना देना भी देश की सुरक्षा में योगदान है।
हर संदिग्ध गतिविधि पर रखें नजर
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि महिलाएं अपने घर, मोहल्ले, बाजार, कार्यस्थल और आसपास के वातावरण को लेकर सजग रहें। यदि किसी महिला या अन्य नागरिक को कोई ऐसी गतिविधि दिखाई देती है, जिसके बारे में आतंकवाद, हिंसा या किसी गंभीर अपराध से संबंधित होने का उचित आधार हो, तो वह बिना अफवाह फैलाए संबंधित पुलिस अथवा प्रशासनिक अधिकारी को सूचना दे सकती हैं। आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन नंबर 112 पर भी सूचना दी जा सकती है।
सूचना हमेशा वास्तवितक तथ्यों पर हो
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपनी पहचान सार्वजनिक होने की चिंता है, तो वह पुलिस से सुरक्षित और गोपनीय तरीके से सूचना देने की उचित प्रक्रिया के बारे में पूछ सकता है। किसी भी व्यक्ति को केवल धर्म, जाति, पहनावे या पहचान के आधार पर संदिग्ध नहीं मानना चाहिए। सूचना हमेशा वास्तविक तथ्यों और उचित आधार पर होनी चाहिए।
महिलाओं से विशेष अपील: आप भी राष्ट्र की प्रहरी हैं
शाहीन परवेज ने कहा,“मैं देश की सभी महिलाओं से कहना चाहती हूं कि आप केवल अपने परिवार की सुरक्षा की जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति भी आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आपकी सजगता, समझदारी और समय पर दी गई सही सूचना किसी बड़ी घटना को रोकने में मदद कर सकती है। यदि आपको कोई गंभीर और वास्तविक रूप से संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो चुप रहने या स्वयं जांच करने के बजाय उचित माध्यम से पुलिस को सूचना दें। अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और कानून को अपना काम करने दें।”
शक करना समाज को नुकसान पहुंचा सकता है
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जागरूकता, जिम्मेदारी और आपसी एकता सबसे महत्वपूर्ण हैं। किसी भी अफवाह को बिना जांचे आगे बढ़ाना, सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश फैलाना या किसी निर्दोष व्यक्ति पर शक करना समाज को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक को समझदारी और जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए।
पूरे मेरठ शहर में चलाया जाएगा जन-जागरूकता अभियान
बैठक में शाहीन परवेज ने घोषणा की कि वह इस विषय पर पूरे मेरठ शहर में जन-जागरूकता अभियान चलाएंगी। इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न मोहल्लों, बस्तियों और सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों से संपर्क कर उन्हें राष्ट्र की सुरक्षा में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस अभियान में महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाएगा। लोगों को बताया जाएगा कि संदिग्ध गतिविधियों की सूचना उचित माध्यम से कैसे दी जाए, सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक संदेशों से कैसे बचा जाए तथा समाज में शांति, सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को कैसे मजबूत किया जाए।
शाहीन परवेज ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी समुदाय विशेष के प्रति संदेह पैदा करना नहीं, बल्कि हर नागरिक में देश के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता की भावना विकसित करना है। भारत की ताकत उसकी विविधता, आपसी भाईचारे और एकता में है। किसी भी प्रकार की हिंसा और आतंकवाद का विरोध करते हुए निर्दोष नागरिकों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना भी उतना ही आवश्यक है।
शाहीन परवेज का संदेश
“हम सबको मिलकर ऐसा समाज बनाना है, जहां हर नागरिक जागरूक हो, हर महिला स्वयं को राष्ट्र की प्रहरी समझे और हर व्यक्ति देश की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाए। हमें केवल घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया नहीं देनी है, बल्कि जागरूकता के माध्यम से समाज को जिम्मेदार बनाना है। मैं मेरठ के नागरिकों से अपील करती हूं कि वे इस अभियान में सहयोग करें, अपने परिवारों और आसपास के लोगों को जागरूक करें तथा किसी भी वास्तविक खतरे की सूचना कानून के अनुसार उचित अधिकारियों तक पहुंचाएं।”
हमारे अभियान का नारा:
“हर नागरिक बने राष्ट्र का प्रहरी, हर महिला बने जागरूकता की शक्ति — जागरूक नागरिक, सुरक्षित भारत!” बैठक मे रेशमा खान, महक, नीलम, तबस्सुम, शाहीदा, मुसररत, फरज़ाना, निहारिका, भावना, रंजना, शिवानी उपस्थित रही।



