
चंडीगढ़: हरियाणा में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुग्राम जिले का पंचगांव 426 एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के साथ देश के 280 निगरानी वाले शहरों में सबसे प्रदूषित दर्ज किया गया है। देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर शामिल हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है।
इस दायरे में हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र के 14 जिले भी शामिल हैं। GRAP-3 के तहत प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए निर्माण गतिविधियों, वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों को लेकर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं।
टॉप-10 प्रदूषित शहरों में हरियाणा के पांच शहर
CPCB की रिपोर्ट में पंचगांव 426 AQI के साथ सबसे ऊपर है। इसके अलावा बल्लभगढ़, गुरुग्राम और भिवानी समेत हरियाणा के कुल पांच शहर देश के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल हैं। यह स्थिति राज्य के एनसीआर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर रही है।
निर्माण कार्यों और खनन पर रोक
GRAP-3 लागू होने के बाद एनसीआर में धूल पैदा करने वाली गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी। इनमें खुदाई, पाइलिंग, तोड़फोड़, ईंट-चिनाई, सड़क निर्माण और पेंटिंग जैसे काम शामिल हैं।
हालांकि, रेलवे, मेट्रो, हवाई अड्डों, अस्पतालों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जरूरी सार्वजनिक परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के साथ छूट दी गई है। इसके अलावा पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशर के संचालन और सभी तरह की खनन गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।
BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल वाहनों पर पाबंदी
प्रदूषण कम करने के लिए वाहनों के संचालन पर भी सख्ती की गई है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और दिल्ली में BS-III पेट्रोल तथा BS-IV डीजल मानक वाली चार पहिया हल्के मोटर वाहनों (LMV) के संचालन पर पाबंदी लागू रहेगी।
स्कूलों और सरकारी कार्यालयों के लिए भी निर्देश
प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए पांचवीं कक्षा तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से पढ़ाई का विकल्प अनिवार्य किया जा सकता है। वहीं, सरकारी और निजी कार्यालयों को 50 प्रतिशत कर्मचारियों से घर से काम कराने की सलाह दी गई है।



