राजनीति

दिल्ली के बाद अब कोच्चि में CJP का शक्ति प्रदर्शन, छोटी दिवाली पर बनेगा ‘जंतर-मंतर’; प्रकाश राज भी होंगे शामिल

कोच्चि: दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन और नेताओं की गिरफ्तारी के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब दक्षिण भारत में अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में है। चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के विरोध में पार्टी शनिवार को केरल के कोच्चि में एक बड़ा मार्च निकालने जा रही है। इसे ‘जंतर-मंतर एट कोच्चि’ नाम दिया गया है। प्रदर्शन शाम 4 बजे ऐतिहासिक राजेंद्र मैदान से शुरू होगा।

पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर मार्च की जानकारी साझा की है। दिल्ली के बाद दक्षिण भारत में CJP का यह पहला बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। इसमें अभिनेता और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता प्रकाश राज के साथ पार्टी के प्रमुख नेता और युवा कार्यकर्ता भी शामिल होंगे।

प्रकाश राज और अभिजीत दीपके संभालेंगे नेतृत्व

इस मार्च में अभिनेता प्रकाश राज शामिल होकर युवाओं की आवाज उठाएंगे। प्रदर्शन का नेतृत्व CJP के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके, पार्टी की राष्ट्रीय नेता आफरीन नवाज और दक्षिण भारत प्रभारी विजय रेड्डी मल्लांगी करेंगे।

पार्टी का मुख्य विरोध मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर है। CJP इस प्रक्रिया को वापस लेने की मांग कर रही है। संगठन का आरोप है कि इसके जरिए मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ियां हो रही हैं।

दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद दक्षिण भारत में पहला बड़ा मार्च

पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन की कोशिश के दौरान CJP के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रंका को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दोनों नेताओं की गिरफ्तारी हुई थी। आरोप है कि निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से जंतर-मंतर हटाए जाने के बावजूद दोनों नेताओं ने वहां प्रदर्शन किया और तिरंगा फहराया था।

16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले अभिजीत दीपके को भी हिरासत में लिया गया था। संगठन का दावा था कि उसके पास मार्च के लिए वैकल्पिक योजना भी थी, लेकिन इसके बावजूद प्रस्तावित कार्यक्रम नहीं हो सका।

मई में गठन के बाद कई मुद्दों पर आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी का गठन मई में हुआ था। इसके बाद से संगठन अलग-अलग मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करता रहा है। पार्टी का पहला बड़ा आंदोलन नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर था। उस दौरान CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।

अगस्त में पार्टी ने देशभर में ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया। इसके तहत सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी, खराब ढांचे और शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दे उठाए गए। सितंबर के आखिरी सप्ताह में संगठन ने अपना अभियान चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया के खिलाफ केंद्रित कर दिया। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की।

दशहरे पर दीपके ने समर्थकों से की थी परिवार के साथ समय बिताने की अपील

लगातार विरोध प्रदर्शनों और नेताओं की गिरफ्तारी के बीच दशहरे पर अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी किया था। इसमें उन्होंने CJP समर्थकों से त्योहार के दौरान अपने परिवार के साथ समय बिताने की अपील की थी।

दीपके ने कहा था कि आंदोलन में शामिल होने के फैसले प्रदर्शनकारियों के अपने थे, लेकिन इसका असर उनके परिवारों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने सौरव दास और आशुतोष रंका का जिक्र करते हुए कहा था कि न्यायिक हिरासत में होने के कारण दोनों नेता त्योहार पर अपने परिवारों के साथ नहीं रह पा रहे हैं।

दीपके के इस संदेश को लगातार कई महीनों से आंदोलन कर रहे संगठन की ओर से प्रदर्शनों पर अस्थायी विराम के संकेत के तौर पर देखा गया था। अब छोटी दिवाली पर कोच्चि में प्रस्तावित मार्च के जरिए CJP एक बार फिर अपने अभियान को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

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