गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाका, तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान संगठन ने ली जिम्मेदारी
यूपी एटीएस और फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
गाजियाबाद। गाजियाबाद के वसुंधरा पुलिस चौकी में देर रात जोरदार धमाका हुआ। आज धमाके की जांच के लिए यूपी एटीएस की टीम पहुंची। वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाका की जिम्मेदारी तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान संगठन ने ली है। घटना स्थल पर पहुंची यूपी एटीएस की टीम के साथ फोरेंसिक टीम, बम निरोधक दस्ता और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों भी मौजूद हैं। बम निरोधक दस्ते ने घटनास्थल से नमूने लिए हैं। आशंका जताई जा रही है कि चौकी में रखी विस्फोटक सामग्री में धमाका हुआ है। विस्फोट की वास्तविक वजह और उसमें इस्तेमाल सामग्री का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
चौकी के पास एक संदिग्ध स्कूटी मिली
चौकी के पास एक संदिग्ध स्कूटी मिली है। यह स्कूटी इस घटना से संबंधित है या नहीं। इसकी जांच की जा रही है।
इस बीच सोशल मीडिया पर धमाके से जुड़ा वीडियो सामने आया है। जिसमें तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान नामक संगठन ने अंग्रेजी में एक संदेश जारी किया है। जिसमें उसने पुलिस चौकी में हुए धमाके की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। संदेश में संगठन ने पुलिस को निशाना बनाने और सरकार के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही है। हालांकि पुलिस ने अभी दावे की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां इसकी सत्यता की पड़ताल कर रही हैं।
बम निरोधक दस्ते ने मौके से जुटाए सबूत
इंदिरापुरम थाना की वसुंधरा चौकी में धमाके की जांच के लिए सुबह बम निरोधक दस्ता पहुंच गया। एम निरोधक दस्ता ने धमाके वाली जगह से नमूने लिए हैं। आशंका है कि विस्फोटक सामग्री में धमाका हुआ है। नमूनों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि विस्फोट किस तरह की सामग्री से हुआ। डीसीपी ट्रांस हिंडन और एसीपी इंदिरापुरम ने चौकी में धमाका के बाद मौके का निरीक्षण किया। यूपी एटीएस और फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया?
धमाके के बाद तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान नामक संगठन की ओर से अंग्रेजी में एक मैसेज पोस्ट किया है। इसमें दावा किया कि उसने गाजियाबाद में पुलिस को निशाना बनाया है। संदेश में सरकार के खिलाफ अभियान चलाने की घोषणा की गई है। जिसमें अपने कृत्य को धार्मिक और सामुदायिक अधिकारों की रक्षा के नाम पर सही ठहराने की कोशिश की गई है। संगठन ने समुदाय विशेष को संबोधित करते हुए सैन्य कार्रवाई से न डरने की बात कही। मैसेज के अंत में धार्मिक स्थलों के कथित विनाश और समुदाय के साथ होने वाले व्यवहार का हवाला दिया है और हिंसक प्रतिरोध की धमकी दी है। लिखा है जिस बाग में हमारी इज्जत की रक्षा नहीं हो सकती, उसे जलाकर राख कर देना बेहतर है। यह नामुमकिन है कि हमारा दुश्मन आराम और शांति से रहे जबकि हमारा समुदाय पीड़ा झेल रहा हो।
जांच एजेंसियां ने शुरू की दावे की पड़ताल
पुलिस चौकी में धमाके और सोशल मीडिया पर संगठन के दावे के बाद मामले की जांच तेज हो गई है। जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, फोरेंसिक नमूनों, वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की पड़ताल कर रही हैं। जांच में स्पष्ट होना बाकी है कि धमाका किस सामग्री से हुआ और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाले संगठन का घटना से कोई वास्तविक संबंध है या नहीं।



