दस्तक-विशेष

    ‘पृथ्वी माता है और आकाश पिता’

    हृदयनारायण दीक्षित : सभी जीव मां का विस्तार हैं। मां न होती तो हम भी न होते। मां सृष्टि की…

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    प्राकृतिक व्यवस्था है धर्म

    हृदयनारायण दीक्षित : धर्म प्राकृतिक व्यवस्था है। भारत की धर्म देह विराट है। यह संपूर्ण अस्तित्व को आच्छादित करती है।…

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    प्रत्येक बच्चे को सारी मानवजाति की सेवा के लिए तैयार करें : डाॅ. जगदीश गाँधी

    ईश्वर ने प्रत्येक बच्चे को अलग एवं विशिष्ट बनाया है बच्चे ही विश्व में सामाजिक परिवर्तन ला सकते हैं :…

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    11 जुलाई : विश्व जनसंख्या दिवस पर विशेष लेख

    संन्यासी जीवन जीकर संसार में लोक कल्याण की मिसाल प्रस्तुत करने वाले महापुरूषों की मानव जाति सदैव ऋणी रहेगी! लखनऊ…

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    4 जुलाई : स्वामी विवेकानन्द की पुण्यतिथि पर शत् शत् नमन!

    अध्यात्म एवं विज्ञान में समन्वय से विश्व की समस्याओं का होगा समाधान! भारत के महानतम समाज सुधारक, विचारक और दार्शनिक स्वामी…

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    13 अगस्त को अंगदान दिवस : जागरूकता अभियान अभी से जोर पकड़े, ताकि बच सके लाखों जिंदगियां

    लखनऊ : अंगदान मामले में भारत की स्थिति अन्य देशों के मुकाबले काफी खराब हुई है। जनता में जागरूकता के…

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    क्या हरियाणा में भाजपा जा पायेगी 75 पार ?

    अभी जहाँ कांग्रेस को अपनी गुटबाजी से बाहर निकलने की ही फुर्सत नहीं मिल पाई है , वहीँ हाल के…

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    हजारों वर्ष प्राचीन और परिपूर्ण है ऋग्वेद

    हृदयनारायण दीक्षित : वेद लोकमान्य हैं। ऋग्वेद प्राचीनतम है ही। प्राचीनतम को जानने की रूचि स्वाभाविक हैं। विश्व के सभी…

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    ऋग्वेद में अग्नि उपासना

    हृदयनारायण दीक्षित : अग्नि ऋग्वेद के प्रतिष्ठित देवता हैं। ऋग्वेद के मंत्रोदय के पहले से ही भारत के लोग अग्नि…

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    वैदिक समाज में गाय और अश्व

    हृदयनारायण दीक्षित : भारतीय जनमानस वैदिक काल से ही गाय के प्रति श्रद्धालु व अश्व के प्रति प्रेम से परिपूर्ण रहा…

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    वैदिक काल में उन्नतिशील था कृषि कर्म

    हृदयनारायण दीक्षित : वैदिक काल में हमारे पूर्वज आर्य कहे जाते थे। ऋग्वेद इन्हीं आर्यो की रचना है। कुछेक विद्वानों…

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    मन के तल पर होता है दुख और सुख का अनुभव

    हृदयनारायण दीक्षित : मन शक्तिशाली है। दुख और सुख का अनुभव मन के तल पर होता है। मन हमारे अनुसार…

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    हरियाणा का हिसार : किसको करेगा बाहर ?

    चंडीगढ़ से जग मोहन ठाकन : अबकी बार हिसार के मैदान में तीनों प्रमुख पार्टियों (कांग्रेस, भाजपा और जन नायक…

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    ऋग्वेद विश्व मानवता का प्रथम शब्द साक्ष्य है

    हृदयनारायण दीक्षित : ऋग्वेद दुनिया का सबसे प्राचीन काव्य संकलन है। अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूनेस्को ने भी ऋग्वेद को प्राचीनतम अंतर्राष्ट्रीय…

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    उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घ जीवन के पक्षधर थे वैदिक ऋषि

    हृदयनारायण दीक्षित : चिकित्सा विज्ञान की परम्परा प्राचीन है। उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घ जीवन भारतीय मनीषियों की प्राचीन इच्छा रही…

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    किसी कुत्सित धारणा के आधार पर सत्य से भिन्न बोलना समाज विरोधी है

    ‘सत्य का आग्रह’ वैदिक काल से प्राचीन है। हृदयनारायण दीक्षित : सत्याग्रह सत्य का आग्रह है। भारत में सत्य के…

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    क्या पार्टियों के घोषणा पत्र झूठ का पुलिंदा होते हैं?

    फिरोज बख्त अहमद : अभी हाल ही में एक व्हाट्सएप संदेश में विश्व हिंदू परिषद के धुरंधर नेता डा. प्रवीण…

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    सफलता का मूल केन्द्र इच्छा या अभिलाषा है और अभिलाषाएं अनंत हैं 

    हृदयनारायण दीक्षित : सफलता प्रसन्न्ता देती है और असफलता दुख। मोटे तौर पर सफलता का अर्थ इच्छानुसार कर्मफल की प्राप्ति…

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    इस मुस्लिम लेखक को आखिर मोदी क्यों पसंद है?

    फिरोज बख्त अहमद : लेखक पिछले लगभग 5 दशकों से विभिन्न सरकारों को देखता चला आया है, जिनमें प्रधानमंत्री के…

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    प्रकृति से शांतिप्रिय हैं भारतवासी, शांतिप्रियता का अनुचित लाभ उठाते थे अंगे्रज

    हृदयनारायण दीक्षित : भारतवासी प्रकृति से शांतिप्रिय हैं। इसके कारण उनकी उदात्त सभ्यता में खोजे जाने चाहिए। शांतिप्रियता उत्कृष्ट जीवन…

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    मोदी को खोने का समय हरगिज नहीं है भारत के लिए, हर आजमाइश से खरे होकर निकले हैं मोदी

    फिरोज बख्त अहमद : भारत में एक बार फिर चुनाव का बिगुल बज चुका है। आजतक जितने भी चुनाव हुए…

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    आधी आबादी को क्यों न मिले पूरी आजादी?

    आशा त्रिपाठी : आचार्य कौटिल्य ने अर्थशास्त्र में कहा था कि महिलाओं की सुरक्षा ऐसी होनी चाहिए कि महिला खुद…

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    पाकिस्तान प्राकृतिक राष्ट्र नहीं है, मजहब के आधार पर भारत विभाजन से यह एक मुल्क बना

    हृदयनारायण दीक्षित : भारत पाक के मध्य युद्ध की स्थिति है। पाकिस्तान की तरफ से मुसलसल युद्ध है। आमने सामने…

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    पुलवामा हमले के बाद राष्ट्रीय एकता सूत्र में बंध गया देश

    हृदयनारायण दीक्षित : भारत का स्वभाव राष्ट्रभाव है। कश्मीर पुलवामा की घटना के बाद यही राष्ट्रभाव चारो ओर प्रकट हो…

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    अजर और अमर है भारतीय जनतंत्र

    हृदयनारायण दीक्षित : भारतीय जनतंत्र अजर-अमर है। यह भारतीय समाज की मूल प्रकृति है। राष्ट्रजीवन का स्वाभाविक प्रवाह और भारत…

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    किस प्रकार से पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए

    फिरोज बख्त अहमद : देश के 44 जवानों का बलिदान, इस बार व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। हालांकि यह पहला बलिदान…

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    हर व्यक्ति का स्वाद अलग, लेकिन मधु पदार्थ सभी को करता है आकर्षित

    हृदयनारायण दीक्षित : स्वाद दिखाई नहीं पड़ता। सबके अपने स्वाद बोध हैं। इसलिए सबका स्वादिष्ट भी अलग-अलग है। लेकिन मीठा सबको…

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    सतत कर्म का कोई विकल्प नहीं

    हृदयनारायण दीक्षित: प्रकृति की सभी शक्तियां गतिशील हैं। हम पृथ्वी से हैं, पृथ्वी में हैं। पृथ्वी माता है। पृथ्वी सतत् गतिशील…

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