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कांग्रेस के मार्च से दूरी पर CJP का जवाब, आशुतोष रांका बोले- समर्थन के लिए मंच साझा करना जरूरी नहीं

नई दिल्ली: सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष के सुप्रीम कोर्ट मार्च में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्य शामिल नहीं हुए। इसको लेकर उठे सवालों पर CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे का समर्थन करने के लिए हर बार एक ही मंच पर मौजूद रहना जरूरी नहीं होता।

CJP बोला- जो इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, हम उनके साथ

आशुतोष रांका ने कहा कि जो भी लोग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, CJP उनका समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि किसी के साथ मिलकर काम करने का मतलब यह नहीं है कि दोनों एक ही समय और एक ही जगह पर दिखाई दें।

रांका ने कहा कि उनकी पार्टी अपने एजेंडे से जुड़े हर व्यक्ति और संगठन का समर्थन करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है कि CJP और विपक्ष के बीच मतभेद हैं।

उन्होंने कहा कि बीजेपी यह दिखाने का प्रयास कर रही है कि 10 अक्टूबर को उनके प्रदर्शन में विपक्ष शामिल नहीं था और 12 अक्टूबर को विपक्ष के मार्च में CJP मौजूद नहीं थी। रांका ने कहा कि सरकार पर दबाव हर तरफ से बनना चाहिए।

बीजेपी पर लगाया विपक्ष में फूट डालने की कोशिश का आरोप

CJP प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी डरी हुई है और इसलिए विपक्ष तथा CJP के बीच दूरी दिखाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में जो घटनाएं हुई हैं, उन्हें पार्टी ने देखा है और अब वह नई रणनीति के साथ आगे बढ़ेगी।

फ्लाइट में हिरासत को लेकर रांका ने बताई पूरी घटना

आशुतोष रांका ने फ्लाइट में हिरासत में लिए जाने की घटना को लेकर कहा कि वह और उनके साथी अचानक हुई कार्रवाई से हैरान थे। उन्होंने बताया कि उनके पास करीब 30 पुलिसकर्मी खड़े थे और बाद में उन्हें पता चला कि ये सभी उनके लिए आए थे।

रांका के मुताबिक, एयरलाइन स्टाफ को भी इस कार्रवाई की जानकारी नहीं थी। पुलिस उन्हें पहले एक बस में लेकर गई और फिर अलग-अलग निजी वाहनों से अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया।

उन्होंने बताया कि अभिजीत दीपके को वसंत कुंज एन्क्लेव, सौरव दास को आरके पुरम और उन्हें नजफगढ़ ले जाया गया। रांका ने कहा कि उन्हें रात करीब ढाई बजे तक नजफगढ़ में रखा गया और उसके बाद अभिजीत दीपके के पास ले जाया गया।

हिरासत में पुलिस व्यवहार पर क्या बोले रांका

रांका ने कहा कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उनके साथ कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने ठीक से बात की और खाना भी देने की पेशकश की। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में उन्हें अपने वकील से बात करने की अनुमति नहीं दी गई।

उन्होंने कहा कि सुबह करीब 3 बजे उन्हें बताया गया कि उन्हें गिरफ्तार किया गया है और अब वह वकील से संपर्क कर सकते हैं। रांका के मुताबिक, उन्हें माता-पिता से बात करने की अनुमति थी, लेकिन वकील से संपर्क नहीं करने दिया गया। बाद में उन्होंने अपने पिता से बात कर वकील की व्यवस्था करने को कहा।

पूरी रात परेशान करने का लगाया आरोप

आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पूरी रात उन्हें अलग-अलग तरीकों से परेशान किया। उन्होंने कहा कि रात करीब 10:30 से 11:30 बजे के बीच उनका मेडिकल कराया गया और शुगर लेवल भी जांचा गया।

उन्होंने दावा किया कि उन्हें रात में दूसरे थाने ले जाया गया और करीब चार घंटे तक कार में बैठाकर रखा गया। रांका ने कहा कि उन्हें डर था कि पुलिस उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज सकती है।

बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराने को लेकर उन्होंने इसे हास्यास्पद बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ शांति भंग न करने की शर्त पर धारा 170 के तहत छोड़ा गया है। रांका ने कहा कि तय स्थान पर प्रदर्शन करने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता।

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