उत्तर प्रदेशराज्य

कृष्ण अवतार होने का दावा, गीता ज्ञान की आड़ में युवतियों के कथित शोषण का आरोप; आईआईटीयन बाबा गिरफ्तार

मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में खुद को भगवान कृष्ण का अवतार बताने वाले एक कथित आईआईटीयन बाबा को पुलिस ने युवतियों के यौन शोषण और ब्रेनवॉश करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की कार्रवाई के दौरान उसके आश्रम से कई युवतियां मिलीं, लेकिन शुरुआती पूछताछ में अधिकांश युवतियां उसके खिलाफ बयान देने को तैयार नहीं हुईं। पुलिस का मानना है कि आरोपी के प्रभाव और कथित ब्रेनवॉशिंग के कारण वे खुलकर कुछ नहीं बोल सकीं।

मामले का खुलासा छत्तीसगढ़ की एक युवती की शिकायत के बाद हुआ। आरोप है कि आरोपी गीता ज्ञान और आध्यात्मिक प्रवचनों के जरिए युवतियों को अपने प्रभाव में लेता था। वह खुद को कृष्ण का अवतार बताता और कई ‘गोपियां’ रखने की बात कहकर युवतियों से संबंध स्थापित करता था। आरोप यह भी है कि शारीरिक संबंध बनाने के बाद वह उसे ‘गंधर्व विवाह’ का नाम देता था।

आईआईटी से इंजीनियरिंग करने के बाद पहुंचा राधाकुंड

पुलिस के मुताबिक आरोपी अभिषेक मिश्रा के परिजन भुवनेश्वर में रहते हैं। उसने वर्ष 2017 से 2021 के बीच आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उसने मुंबई की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में करीब एक साल तक नौकरी भी की।

जांच में सामने आया है कि पढ़ाई के दौरान ही वह गीता से प्रभावित हुआ और ऑनलाइन धार्मिक प्रवचन देने लगा। वर्ष 2022 में वह अपनी मां के साथ मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र में आकर रहने लगा। शुरुआत में किराए के मकान में रहने के बाद उसने अपना स्थायी ठिकाना बना लिया।

उच्च शिक्षित युवक-युवतियों को जोड़ने का आरोप

पुलिस का कहना है कि समय के साथ उसके संपर्क में आईआईटी, बीटेक और अन्य डिग्रीधारी युवक-युवतियां आने लगे। आरोप है कि धार्मिक शिक्षा और आध्यात्मिक ज्ञान के नाम पर वह युवतियों को प्रभावित करता था और धीरे-धीरे उन पर मानसिक नियंत्रण स्थापित कर लेता था।

अधिकारियों के अनुसार आरोपी पर दुष्कर्म और अश्लील हरकतों के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसके संपर्क में कितने लोग आए और कथित गतिविधियां कब से चल रही थीं।

मां ने भी बना ली थी दूरी

पुलिस के अनुसार शुरुआती दौर में आरोपी की मां उसके साथ रहती थी, लेकिन बाद में बेटे की गतिविधियों की जानकारी मिलने पर उसने उससे दूरी बना ली। इसके बाद आरोपी कथित रूप से अपने प्रभाव में आने वाली युवतियों के संपर्क में बना रहा।

खुलासे में जुटी रही टीम

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि पिछले एक महीने से कुछ लोग इस मामले से जुड़ी जानकारियां जुटा रहे थे। इसके बाद सूचनाएं पुलिस तक पहुंचीं और कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।

पढ़ाई में अव्वल, अब जेल की सलाखों के पीछे

अभिषेक मिश्रा अपने माता-पिता की इकलौती संतान बताया जाता है। पढ़ाई में तेज होने के कारण उसे आईआईटी में प्रवेश मिला था। इंजीनियरिंग की पढ़ाई और नौकरी के बाद उसने आध्यात्मिक जीवन का रास्ता चुना, लेकिन अब गंभीर आरोपों के चलते उसे जेल भेज दिया गया है।

‘कृष्ण अवतार’ बताकर करता था दावा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी खुद को कृष्ण का अवतार बताता था। वह कथित रूप से कहता था कि उसे कई गोपियां रखने का अधिकार है। अधिकारियों का कहना है कि इसी मानसिक प्रभाव के चलते कई युवतियां उसके खिलाफ खुलकर विरोध नहीं कर पाती थीं।

पुलिस के सामने भी नहीं बोलीं युवतियां

कुछ समय पहले एक युवती के परिजन उसे वापस ले जाने पहुंचे थे। उस दौरान पुलिस की मौजूदगी में भी युवतियों ने कहा था कि वे बालिग हैं और अपनी इच्छा से वहां रह रही हैं। बालिग होने और स्पष्ट शिकायत न मिलने के कारण तत्काल कार्रवाई में कानूनी दिक्कतें आई थीं। हालांकि बाद में दर्ज शिकायत और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

Related Articles

Back to top button