देहरादून: श्री केदारनाथ धाम यात्रा 2026 के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहद सुदृढ़ और सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। यात्रा मार्ग से लेकर धाम क्षेत्र तक चिकित्सा इकाइयों, मेडिकल रिलीफ पोस्ट (MRP), बेस कैंप अस्पतालों और हेली-एम्बुलेंस सेवाओं के जरिए यात्रियों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
3 दिन में 6733 यात्रियों को मिला इलाज, एक दिन में 4993 का उपचार
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक तीन दिनों में कुल 6733 श्रद्धालुओं को ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं दी गई हैं। 24 अप्रैल को अकेले 4993 यात्रियों का उपचार किया गया। वहीं अब तक 2869 यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गई है, जिनमें से 1311 जांचें केवल एक दिन में संपन्न हुईं।
यात्रा से पहले और दौरान स्वास्थ्य जांच पर विशेष फोकस
स्वास्थ्य विभाग द्वारा यात्रा से पहले और यात्रा के दौरान नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया गया है, जिससे जोखिम वाले यात्रियों की समय रहते पहचान कर आवश्यक सलाह दी जा सके।
रेस्क्यू सिस्टम पूरी तरह सक्रिय, कई मरीजों को सुरक्षित पहुंचाया गया अस्पताल
रेस्क्यू व्यवस्था के तहत अब तक 4 यात्रियों को हेलीकॉप्टर के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया है। इसके अलावा 13 श्रद्धालुओं को एम्बुलेंस और 7 को डंडी-कंडी के जरिए सुरक्षित नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जो प्रशासन की त्वरित कार्रवाई को दर्शाता है।
11 यात्री यात्रा के लिए अयोग्य पाए गए, दी गई चिकित्सकीय सलाह
स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अब तक 11 श्रद्धालु अस्वस्थ या यात्रा के लिए अयोग्य पाए गए हैं, जिनमें 2 मामले 24 अप्रैल के हैं। ऐसे यात्रियों को यात्रा न करने या डॉक्टरों की सलाह के अनुसार आगे बढ़ने की हिदायत दी गई है।
गंभीर मामलों में तत्काल हेली रेस्क्यू, कई मरीजों की जान बची
23 अप्रैल को दो गंभीर मरीजों को हेली रेस्क्यू के माध्यम से उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया। गुजरात के मेहसाणा निवासी 55 वर्षीय धनजी भाई को सांस लेने में दिक्कत और शरीर के दाहिने हिस्से में कमजोरी की शिकायत पर प्राथमिक उपचार के बाद रुद्रप्रयाग रेफर किया गया। वहीं नागपुर निवासी 19 वर्षीय मंदार मधुकर को भी सांस लेने में परेशानी और चक्कर आने की स्थिति में हेली सेवा से अस्पताल भेजा गया।
इसी क्रम में 24 अप्रैल को भी दो गंभीर मरीजों को हेली रेस्क्यू के जरिए उच्च चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया, जिससे समय पर उपचार सुनिश्चित हो सका।
24×7 तैनात स्वास्थ्य टीमें, ऑक्सीजन और इमरजेंसी सेवाएं उपलब्ध
यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सेवाओं को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजन सुविधा, प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, एम्बुलेंस और हेली सेवाएं लगातार तैनात हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।
प्रशासन की अपील—यात्रा से पहले कराएं स्वास्थ्य जांच
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि यात्रा पर आने से पहले अपना स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य कराएं, सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें।
कुल मिलाकर, केदारनाथ यात्रा 2026 के दौरान मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था और त्वरित रेस्क्यू सिस्टम के चलते श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव देने की दिशा में प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है।




