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PNB के करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के नकली नोट पहुंचाने के मामले में NIA ने की कार्यवाही

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : राष्ट्रीय जांच एजेंसी भारत में आतंकवाद और संगठित अपराधों से निपटने के लिए शीर्षस्थ संस्था है । फेक करेंसी के गिरोहों से निपटने का अधिकार NIA को 2019 मिला था और उन्हीं शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने आज (22 अक्टूबर को) हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंटा को गिरफ्तार किया है।

इससे पहले, NIA ने बीते 16 अक्टूबर को हरियाणा के अंबाला से अजय कुमार को भी पकड़ा था। जान लें कि अजय कुमार और हरीश रौंटा कथित रूप से भारी मात्रा में नकली भारतीय करेंसी नोटों को अवैध तरीके से छापने और उनकी सप्लाई करने की साजिश के मुख्य सूत्रधार हैं।

NIA के मुताबिक, ये नकली नोट अन्य आरोपियों के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक, सहारनपुर के करेंसी चेस्ट तक पहुंच गए थे। अजय कुमार और हरीश रौंटा, दोनों आदेश चौधरी के करीबी हैं जो इस साजिश में शामिल अन्य गिरफ्तार आरोपियों में से एक है। बता दें कि ये मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सिविल लाइन्स स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में नकली भारतीय करेंसी नोट पहुंचाने से जुड़ा है, जिसकी जांच NIA केस नंबर RC-02/2026/NIA/LKW के तहत कर रही है।

ऐसे खुली नकली नोटों से जुड़े कांड की पोल :

जान लें कि 29 अगस्त 2026 को, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सदर बाजार पुलिस स्टेशन को एक स्पेशल इनपुट मिला था कि पंजाब नेशनल बैंक, सहारनपुर के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोट बरामद हुए हैं। जांच में बैंक के 3 कर्मचारियों के शामिल होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद बैंक ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। इस केस में शुरुआत में 29 अगस्त 2026 को यूपी के सहारनपुर जिले के सदर बाजार पुलिस स्टेशन में BNS, 2023 की धारा 178 के तहत 3 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। बाद में, 3 सितंबर 2026 को NIA ने इस मामले को फिर से दर्ज किया था।

इससे पहले, 7, 15, 20 और 22 सितंबर 2026 को, NIA ने FIR में नामजद आरोपी अमित कुमार और मुख्य आरोपियों- आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू को अरेस्ट किया था। पूरी साजिश का खुलासा करने और बाकी सह-आरोपियों व संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए जांच चल रही है।

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