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SSC पेपर लीक : गिरोह के सदस्य अलवर आए थे, निजी कॉलेज से किया था सम्पर्क

ssc-and-prt-examination-paper-leak-56138e8f3e08e_lकर्मचारी चयन आयोग  (एसएससी) की ओर से रविवार को आयोजित कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के लिए परीक्षा केन्द्र आवंटित करने से पहले पेपर लीक गिरोह के सदस्यों ने अलवर के एक निजी कॉलेज से भी सम्पर्क साधा था, लेकिन उस कॉलेज निदेशक ने किसी भी तरह का सहयोग करने से इनकार कर दिया।इसके बाद उक्त कॉलेज में परीक्षा केन्द्र ही आवंटित नहीं हुआ। जबकि इससे पहले यह कॉलेज लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में केन्द्र बनाया जाता रहा है।  कॉलेज निदेशक का स्पष्ट कहना है कि गिरोह के सदस्य कॉलेज को परीक्षा केन्द्र आवंटित कराने का खुला दावा कर रहे थे।

एेसे करते हैं पेपर लीक

राजस्थान पत्रिका ने गिरोह को पकडऩे वाले पुलिस अधिकारी व अन्य जानकारों से बातचीत करने के बाद गिरोह के पेपर लीक करने को फण्डे को समझा।

गिरोह के सदस्य परीक्षा की तिथि घोषित होने के बाद दो से तीन परीक्षा केन्द्र अधीक्षकों को विश्वास में लेते हैं। जब बात बन जाती है तो परीक्षा के दिन केन्द्र से आधा या एक घण्टे पहले एक पेपर लेते हैं उसकी तुरन्त फोटो कॉपी करते हैं।

उसके बाद मूल पेपर वापस बण्डल में रख दिया जाता है। पेपर मिलते ही चार से पांच सदस्यों की एक्सपर्ट टीम से पेपर हल करा कर आंसर की तैयार करते हैं। फिर आंसर की बेचते हैं।

एसएससी परीक्षा में भी परीक्षा समय से एक या आधा घण्टे पहले ही आंसर की वाट्सअप व मोबाइल के जरिए भेजी गई। जिसके कई सबूत पुलिस ने पकड़े गिरोह से जब्त भी किए हैं। अलवर में पकड़े अभ्यर्थी के पास से आंसर की लिखी पर्ची मिली है। जो कि मोबाइल या वाट्सअप के जरिए प्राप्त की है।

परीक्षा से पहले आए थे

ग्रुप निदेशक, एलआईईटी, अलवर डॉ. राजेश भारद्वाज ने बताया एसएससी कांस्टेबल परीक्षा से पहले मेरे पास दो जने आए थे।

उन्होंने कहा कि आपके कॉलेज के एसएससी परीक्षा का केन्द्र आवंटित करा देंगे, लेकिन आपको परीक्षा में मदद करनी होगी। मदद की बात पर मैंने स्पष्ट इनकार कर दिया। उन्हें कॉलेज से बाहर भेज दिया।

दिल्ली पुलिस के जवान सहित दो और गिरफ्तार

केन्द्रीय विद्यालय संगठन की रविवार को होने वाली परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में शामिल दो और आरोपियों को सीआई रेवाड़ी व धारुहेडा पुलिस ने रात को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए है।

रेवाड़ी पुलिस ने रविवार को पेपर लीक करने के आरोप में 13 जनों को गिरफ्तार कर उसके कब्जे चार कार, एक बाइक तथा बड़ी संख्या में मोबाइल व सीम बरामद की थी।

आरोपियों के बताए ठिकाने पर पुलिस ने रात को महेन्द्रगढ़ जिला के गव सुलोधा निवासी विनोद व नारनौल आदर्श कॉलोनी निवासी सूर्यप्रकाश उर्फ समीर को दबोच लिया है।

पुलिस ने विनोद के पास से दो मोबाइल फोन व आरोपित सूर्यप्रकाश उर्फ समीर से एक मोबाइल फोन बरामद किया है। आरोपित विनोद कुमार दिल्ली पुलिस का जवान है। विनोद पेपर को आगे बेचने का काम करता था तथा ग्राहकों को जोड़ता था।

इसके अतिरिक्त आरोपित समीर गैंग के सरगना विजय भुरथला का नजदीकी था तथा पेपर लीक में उसका भी बड़ा हाथ रहता था। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश कर 9 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

पांच दिन के रिमांड पर आरोपी

पेपर लीक मामले में पुलिस ने 13 आरोपियों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से उनके साथियों के बारे में पूछताछ की जाएगी। इस मामले की जांच के लिए एसपी बलवान सिंह राणा ने डीएसपी शाकिर हुसैन के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर दी है।

 

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