स्वास्थ्य

कोविड-19 के संक्रमण से अंगों के खराब होने, मौत का खतरा अधिक: अध्ययन

वाशिंगटन : सार्स सीओवी-2 वायरस से बार-बार संक्रमित होने से अंगों के खराब (Organ Damage) होने और मृत्यु (Death) का जोखिम बढ़ सकता है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन में कहा गया है कि लोगों को संक्रमित होने की आशंका को कम करने के लिए सतर्कता बरतनी चाहिए। यह शोध बृहस्पतिवार को ‘नेचर मेडिसिन’ (Nature Medicine) पत्रिका में प्रकाशित हुआ, जिसमें यह पाया गया कि बार-बार कोविड-19 से संक्रमित होना कई अंगों को प्रभावित करने का अतिरिक्त जोखिम पैदा करता है।

शोधकर्ताओं ने कहा कि इससे अस्पताल में भर्ती होने का खतरा बढ़ता है, फेफड़े, हृदय, मस्तिष्क और शरीर के रक्त, मस्कुलोस्केलेटल (मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम में हड्डियां, कार्टिलेज, जोड़ों, नसों और कनेक्टिव टिश्यू शामिल होते हैं) और जठरांत्र प्रणाली प्रभावित हो सकती है और यहां तक ​​कि मौत भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि पुन:संक्रमण से मधुमेह, किडनी की बीमारी और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे हो सकते हैं।

वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन, अमेरिका से अध्ययन के वरिष्ठ लेखक जियाद अल-अली ने कहा, ‘पिछले कुछ महीनों में संक्रमण मुक्त हुए और टीका ले चुके लोगों में संक्रमण के प्रति लापरवाह रवैया बढ़ा है। कुछ लोगों ने ऐसे व्यक्तियों को वायरस के लिए एक प्रकार की सुपरइम्यूनिटी के रूप में संदर्भित करना शुरू कर दिया है।’

अल-अली ने कहा कि बिना किसी संदेह के हमारे शोध से पता चलता है कि दूसरी, तीसरी या चौथी बार संक्रमण होने से अतिरिक्त स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा अत्यधिक बढ़ जाता है। अध्ययन यह भी संकेत देता है कि हर संक्रमण के साथ खतरा भी बढ़ता है। अल-अली ने कहा, ‘इसका मतलब है कि अगर आप दो बार कोविड-19 से संक्रमित हुए हैं तो बेहतर है कि आप तीसरी बार संक्रमित होने से बचें। और आप तीन बार संक्रमित हो चुके हैं तो चौथी बार संक्रमित होने से बचें।’

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