दस्तक-विशेष

मौलाना अबुल कलाम आजाद की है आज पुण्यतिथि, जानिए उनसे जुड़ी ख़ास बातें

नई दिल्ली ( दस्तक विशेष) : देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती को देश भर में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। आज उनकी पुण्यतिथि है। वो एक महान स्वतंत्रता सेनानी, विधि निर्माता, चिंतक, लेखक थे। उनसे जुड़ी कुछ खास बातें हैं:

देश के पहले शिक्षा मंत्री का असली नाम ‘अबुल कलाम गुलाम मुहियुद्दीन’ था जिन्हें बाद में मौलाना आजाद के नाम से जाने जाना लगा। शिक्षा मंत्री ने ‘आजाद’ को अपने उपनाम के तौर पर अपनाया था। आज़ाद एक उत्कृष्ट वक्ता थे, जैसा कि उनके नाम से संकेत मिलता है- ‘अबुल कलाम’ का शाब्दिक अर्थ है ‘संवादों का देवता’ (Lord of Dialogues)

मौलाना अबुल कलाम आजाद ने पत्रकार के रूप में अपने काम के माध्यम से लोकप्रियता प्राप्त की थी।
मौलाना अबुल कलाम आजाद ने छोटी आयु से ही उर्दू भाषा में शायरी लिखना शुरू किया था।

वर्ष 1912 में उन्होंने उर्दू में अल-हिलाल नामक एक साप्ताहिक पत्रिका शुरू की, जिसने मॉर्ले-मिंटो सुधारों (1909) के बाद दो समुदायों के बीच हुए मनमुटाव को समाप्त कर हिंदू-मुस्लिम एकता को स्थापित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 1909 के सुधारों के तहत मुसलमानों के लिये अलग निर्वाचक मंडल के प्रावधान का हिंदुओं द्वारा विरोध किया गया था।


ब्रिटिश सरकार ने अल-हिलाल पत्रिका को अलगाववादी विचारों का प्रचारक माना और 1914 में इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ने हिंदू-मुस्लिम एकता पर आधारित भारतीय राष्ट्रवाद और क्रांतिकारी विचारों के प्रचार के समान मिशन के साथ अल-बालाग नामक एक अन्य साप्ताहिक पत्र का प्रकाशन शुरू किया।

वह 1923 में केवल 35 वर्ष की उम्र में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने। उन्हें ‘खिलाफत
आंदोलन’ (1919-26) के नेता बनाया गया था।

प्रत्येक वर्ष 11 नवंबर को भारत में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) मनाया जाता है। इस दिन का मकसद शिक्षा के महत्व के बारे में जन-जागरूकता फैलाना है। ये दिवस भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के मौके पर मनाया जाता है।

Related Articles

Back to top button