झारखंड में मौसम का कहर: वज्रपात से 9 लोगों की मौत, 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

झारखंड में मौसम ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाया है। राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश के दौरान हुई वज्रपात की घटनाओं में कुल 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रांची, गढ़वा, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं।
रांची जिले में तीन लोगों की जान गई। इनमें खूंटी वन प्रमंडल के वनरक्षक रोशन श्रीवास्तव भी शामिल हैं, जिनकी ड्यूटी के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। उनके साथ मौजूद तीन अन्य लोग झुलस गए। इसके अलावा सिल्ली और बेड़ो क्षेत्र में भी वज्रपात से दो लोगों की मौत हुई।
राज्य के अन्य जिलों में भी वज्रपात ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। गढ़वा में आम चुनने गए दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्चा घायल हो गया। पश्चिमी सिंहभूम में एक युवक की जान चली गई और कई बच्चे झुलस गए। लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा से भी मौतों की खबरें सामने आई हैं।
इस बीच, मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए राज्य के 16 जिलों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार और बुधवार को संताल परगना के सभी छह जिलों के अलावा गिरिडीह, धनबाद, रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम समेत कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, झारखंड में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है, लेकिन आगामी दिनों में बारिश बढ़ने से इसकी स्थिति मजबूत हो सकती है। इससे खेती-किसानी को भी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेष रूप से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



