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चीन ने ऐसा क्या कर दिया कि पूरे यरोप में मच गई खलबली, तो ऐसे सुपर पावर बनेगा ड्रैगन?

नई दिल्ली: नई-नई पैंतरेबाजी से छोटे देशों को डराने वाले चीन ने इस बार यूरोप में खलबली मचा दी है। सुपर पावर बनने की चाहत रखने वाले चीन की वजह से यूरोप की कार इंडस्ट्री बुरी तरह से प्रभावित हो रही है और अब इससे जुड़ी नौकरियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दरअसल, चीन ने पिछले दो दशकों में मैग्नीशियम की वैश्विक आपूर्ति पर एकाधिकार बना लिया है और वह बड़े पैमाने पर डंपिंग में शामिल होकर अपने यूरोपीय प्रतिद्वंद्वियों को मात देने में कामयाब रहा है।

पॉलिसी रिसर्च ग्रुप POREG ने बताया कि चीन ने मैग्नीशियम के उत्पादन में कटौती की है, जिससे यूरोपीय संघ (ईयू) में काफी बेचैनी है, क्योंकि मैग्नीशियम कार, विमान और इलेक्ट्रोनिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। चीन की नापाक चाल को इस तरह से भी समझा जा सकता है कि चीन यूरोप की 95 प्रतिशत से अधिक मैग्नीशियम आवश्यकताओं का निर्माण करता है।

हाल ही में यूरोपीय संघ के नेताओं के शिखर सम्मेलन (अक्टूबर 21-22, 2021) में निवर्तमान जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल और चेक प्रधानमंत्री, लेडी बाबिस, दोनों ने यूरोप में मैग्नीशियम के संकट के मुद्दे को उठाया था। जर्मनी और इटली दोनों यूरोप के अग्रणी कार निर्माता हैं और कार उत्पादन पर असर को लेकर उनकी चिंता स्वाभाविक है। एक ओर जहां चांसलर मर्केल ने कारों के उत्पादन की लागत पर प्रभाव की ओर इशारा किया, वहीं चेक पीएम और भी अधिक कुंद थीं और उन्होंने कहा कि कार सेक्टर एक ‘आपदा’ का सामना कर रहा है।

हालांकि, मीडिया रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि राष्ट्रव्यापी ऊर्जा की कमी के कारण चीन ने उत्पादन में कटौती की है। वहीं, रूस और इजराइल जैसे अन्य उत्पादक देशों के लिए इस कमी को पूरा करना मुश्किल है, क्योंकि चीन अब तक दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक है। चीन पर पूरी तरह से निर्भरता इस समय यूरोपीय संघ के लिए एक तरह से शर्मिंदगी ही है, क्योंकि वह अक्सर चीन के साथ संबंधों को संतुलित करने का प्रयास करता रहता है।

कई व्यवसायों ने उत्पादन और व्यापार फिर से शुरू कर दिया है, बाधाओं और प्रतिबंधों की वजह से उत्पादन सीमित अब भी सीमित हैं, इसके परिणामस्वरूप मैग्नीशियम के निर्यात में 10 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। एक दर्जन यूरोपीय संघ उद्योग समूहों द्वारा जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, अब इस महीने के अंत (नवंबर 2021) तक मैग्नीशियम स्टॉक के समाप्त होने का खतरा मंडरा रहा है।

राष्ट्रव्यापी ऊर्जा संकट के कारण चीनी कारखाने आंशिक रूप से बंद हैं और मैग्नीशियम का निर्यात तेजी से गिर रहा है, ऐसे में यूरोप एक वास्तविक चुनौती का सामना कर रहा है। चेताया गया है कि अगर तुरंत इस संकट का समाधान नहीं किया गया तो पूरे यूरोप में हजारों व्यवसाय और आपूर्ति श्रृखंला प्रभावित होगी और नौकरियों पर भी संकट के बादल छाएंगे।

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