
नई दिल्ली: उज़्बेकिस्तान की बैले डांसर शखनोज़ा (भारतीय नाम शहनाज ) के कत्ल के मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी गगन ने कबूला है कि उसने दूसरी आरोपी महिला नाज़ की भी हत्या कर लाश को उत्तर प्रदेश के हापुड़ के सिंभावली के जंगलों में बैग में डालकर जला दिया था। 6 अक्टूबर को हापुड़ पुलिस को सिंभावली के जंगल में एक महिला की जली लाश बैग में मिली थी। पुलिस ने लाश का पोस्टमॉर्टम कराकर 72 घंटे बाद पहचान न होने पर उसे जला दिया था।
सेक्स रैकेट चलाता था आरोपी गगन
दिल्ली पुलिस वीरवार को आरोपी गगन को लेकर हापुड़ के सम्भावली के मौका ए वारदात पर गई थी। दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक गगन अपनी उज्बेक मूल की पत्नी माशा उर्फ मुयस्सर के साथ मिलकर सेक्स रैकेट चलाता था। शखनोज़ा और नाज़ भी इसी रैकेट का हिस्सा थीं। नाज़ का शखनोज़ा से करीब 8 लाख रुपये को लेकर झगड़ा चल रहा था और उसने इस बात की शिकायत गगन से की थी।
राज खुलने के डर से नाज को मौत के घाट उतार दिया
सूत्रों के मुताबिक यह लेन-देन का विवाद ही शखनोजा की मौत की वजह बना। 25 सितम्बर को नाज़ और गगन ने अपने साथियों के साथ मिलकर शखनोज़ा की गला घोंटकर हत्या कर दी और फिर लाश को सोनीपत के समालखा में ले जाकर जला दिया। सूत्रों के मुताबिक़ गगन डर था कि कहीं नाज़ इस हत्या की बात किसी से बोल न दे। इसी डर के चलते 5 अक्टूबर को गगन ने अपनी पत्नी माशा और 3 साथियों के साथ मिलकर गुड़गांव में नाज़ की भी हत्या कर दी। उसने नाज की लाश एक बैग में इंडिका गाड़ी में डालकर हापुड़ के जंगल में ले जाकर जला दी।
नाज ने एम्बेसी से सेक्स रैकेट से निकालने की लगाई थी गुहार
सूत्रों के मुताबिक समालखा और हापुड़ से मिले लाश के अवशेषों की फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा की यह लाशें शखनोज़ा और नाज़ की ही थीं या नहीं। फिलहाल जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक पत्र भी लगा है जो नाज़ ने उज्बेक एम्बेसी को लिखा था। उसमें उसने अपने आपको जबरन सेक्स रैकेट में धकेले जाने की बात लिखकर मदद की गुहार लगाई थी। पुलिस अब इस बात की जांच भी कर रही है कि कहीं जबरन देह व्यापार में धकेलने के चलते ही इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम तो नहीं दिया गया, या फिर पैसों का लेनदेन ही इसकी वजह है। पुलिस की कई टीमें गगन के साथ शामिल उसके साथियों की तलाश कर रही हैं।
हत्या के बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए उपयोग की गई कार।
डेढ़ माह से लापता थी शखनोजा
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले शखनोजा की हत्या का खुलासा हुआ था। 27 साल की उज्बेकिस्तान की यह युवती करीब डेढ़ महीने से लापता थी। उसकी तलाश में अमेरिका से आई उसकी बहन और उज्बेकिस्तान से आई उसकी मां दर-दर भटक रहीं थीं। शखनोजा की बहन के मुताबिक उसने 24 सितंबर को आखिरी बार अपना मां से बात की थी। पेशे से बैले डांसर शखनोजा ने 8 साल पहले भारत आकर भरत नाट्यम सीखा था। वह 25 सितंबर को अचानक गायब हो गई। उसके घर वालों की शिकायत पर दिल्ली के कोटला मुबारकपुर थाने में अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस को जांच में पता चला कि नाज नाम की एक महिला से मृत लड़की का पैसों का लेन-देन था। नाज भी उज्बेकिस्तान की रहने वाली थी।
हरियाणा पुलिस ने 26 सितंबर को ही समलखा में शखनोजा का शव बरामद कर लिया था और पोस्टमार्टम के बाद उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया। गगन के कबूलनामे और मोबाइल की कॉल डिटेल्स के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।



