अद्धयात्म

नव वर्ष के लिए घर में करें वास्तु ठीक

जीवन में हर कोई सुख शांति से रहना चाहता है। इसके लिए वास्तु की भी एक अहम भूमिका रहती है।नया साल आते ही खुद के लिए संकल्प लेते हैं, तो फिर घर के लिए क्यों नहीं लेते कोई संकल्प? घर हमारे लिए सिर्फ ईंट-पत्थरों से बना एक ढांचा नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके साथ हमारे आत्मीय संबंध भी होने चाहिए। साल 2018 का आरंभ होने जा रहा है, तो क्यों न हम घर को मजबूत, साफ और सुंदर बनाने के साथ, पारिवारिक सदस्यों के लिए भी कुछ करें। हमारे प्रिय जो हमसे बहुत दूर चले गए हैं, जो हमारे साथ हैं, सभी के जीवन के लिए सकारात्मक संकल्प लें। घर व उसके सदस्यों के मध्य अपनापन का भाव विकसित करें।नव वर्ष के लिए घर में करें वास्तु ठीक

ध्यान दें, दीवारों पर पड़ी दरारें, धब्बे, जाले, टूटी खिड़कियां आपके मन को प्रतिबिबिंत करती हैं। इसलिए सबसे पहले दरारों को भरवाएं। टूट-फूट ठीक कराएं। सामर्थ्य के अनुसार, घर में रंग-रोगन कराएं।यदि बच्चों की शिक्षा, बुद्धिमानी, युवावस्था के विकास को अच्छा रखना है, तो पूर्व दिशा को ठीक रखने का संकल्प लें। यहां पर देवराज इंद्र का प्रभाव रहता है। इस दिशा में मेष और वृष राशि तथा शुक्र का प्रभाव होता है। बच्चों के शयनकक्ष तथा कमरे को बल देना है, तो इंद्र से जुड़ी चीजें जैसे हाथी, डायमंड, क्रिस्टल या सफेद रंग का घोड़ा लगाएं। यहां सफेद या हरे रंग का प्रयोग करें। सेहत ठीक न रहे। धन की समस्या हो, तो उत्तर दिशा पर ध्यान दें। इस स्थान पर कुबेर तथा बृहस्पति का प्रभाव रहता है। यह स्टोर, लाइब्रेरी, ऑफिस और कीमती सामान रखने का उत्तम स्थान है। यहां पूर्वजों की तस्वीर बिल्कुल न लगाएं। रसोई, बाथरूम न बनाएं। इस स्थान को शुभ रखने के लिए सोने-चांदी के रंग की तस्वीरें, अंबर की बनी चीजें रखें। बृहस्पति को खुश रखने के लिए पीले रंग का प्रयोग करें।

रसोई में खर्चा ज्यादा हो रहा हो या बिजली की चीजें जल्दी खराब हो रही हों, तो आग्नेय दिशा (पूर्व-दक्षिण का कोना) को सुधारें। इस दिशा में प्रज्‍ज्वलित अग्नि की तस्वीर, मंगल चिन्ह, मोमबत्ती या फिर अग्नि तत्व का प्रतीक त्रिकोण आकृति लगाएं। इस दिशा में लाल, पीला व नारंगी रंग का प्रयोग करें। रात को नींद न आए, बेचैनी रहे, बीमारी से परेशान हैं, तो दक्षिण की दिशा को ठीक करें। यहां मुख्य दरवाजा, स्टडी रूम, लिविंग रूम या डायनिंग रूम न बनावाएं। दिशा में सुधार लाने के लिए यहां गाय या बैल का चित्र लगाएं। अपने स्वर्गवासी पूर्वजों का चित्र लगाएं।

नींद की परेशानी, भूत-प्रेत का डर अथवा बुरे सपने आए, तो नैऋत्य दिशा (दक्षिण-पश्चिम का कोना) ठीक करें। यह शनि ग्रह तथा भूमि तत्व से जुड़ा स्थान है। इस स्थान पर भारी चीजें रखें। वॉर्डरोब, भारी अलमारी रखें। रसोई या मुख्य दरवाजा यहां न बनाएं। इस स्थान को शुभ बनाने के लिए शेर पर सवार देवी, बड़ी बिल्ली या शेर की तस्वीर लगाएं। बैंगनी रंग का प्रयोग करें। शुक्र शयनकक्ष से जुड़ा ग्रह है, अतः यहां गुलाबी और हल्के हरे रंग का प्रयोग करें। बेचैनी ठीक करने के लिए वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम) को ठीक रखें। चंद्रमा इस स्थान का कारक है। यहां पर कोई चीज स्थिर नहीं रहती। अतः बाथरूम या गेस्ट रूम बनाएं। यहां पर अर्धचन्द्राकार चंद्र की फोटो लगाएं। अगर आप नव वर्ष में यह तरीके अपनाएंगे तो सुखी रहेंगे।

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