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Kanpur-Lucknow Gurukul Case: 11 साल के मासूम की संदिग्ध मौत से सनसनी, शरीर पर 45 से अधिक चोटों के निशान; परिजनों ने हत्या और क्रूर प्रताड़ना का लगाया आरोप

कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां गुरुकुल में पढ़ने भेजे गए 11 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक बच्चे के शरीर पर कई चोटों, जलने के निशान और काले धब्बे मिलने से परिजनों ने हत्या और अमानवीय प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।

15 अप्रैल को पढ़ाई के लिए भेजा गया था, कुछ ही दिनों में मिली मौत की खबर
महाराजपुर थाना क्षेत्र के गौरिया गांव निवासी दिव्यांश द्विवेदी उर्फ दीपू को 15 अप्रैल को लखनऊ स्थित एक वेद विद्या गुरुकुल में पढ़ने के लिए भेजा गया था। परिजनों के मुताबिक, बुधवार को गुरुकुल संचालक ने फोन कर बच्चे की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। इसके कुछ ही घंटों बाद एक चार पहिया वाहन से बच्चे को उसके घर के बाहर छोड़कर लोग फरार हो गए।

घर के बाहर मिला शव, शरीर पर गहरे जख्मों के निशान
जब परिवार के लोग बाहर पहुंचे तो दिव्यांश मृत अवस्था में मिला। परिजनों का कहना है कि बच्चे का शरीर ठंडा पड़ चुका था और उस पर कई जगह गहरे चोट के निशान थे। हाथ, पैर, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर काले धब्बे और जलने जैसे घाव साफ दिखाई दे रहे थे, जिससे परिजन स्तब्ध रह गए।

परिजनों का आरोप- सिगरेट से दागा गया, बेरहमी से पीटा गया
मृतक के चाचा जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने आरोप लगाया कि बच्चे के शरीर पर करीब 45 से अधिक चोटों के निशान थे। उनका कहना है कि कुछ घाव ऐसे थे जो सिगरेट से दागे जाने जैसे प्रतीत हो रहे हैं। परिवार का दावा है कि दिव्यांश को गुरुकुल में बेरहमी से प्रताड़ित किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। साथ ही कथित कुकर्म की आशंका भी जताई गई है।

मंगलवार तक स्वस्थ था बच्चा, अगले दिन मिला शव
दिव्यांश की बड़ी बहन ने बताया कि मंगलवार सुबह उसकी फोन पर बातचीत हुई थी, उस समय वह पूरी तरह स्वस्थ था। लेकिन अगले ही दिन उसकी मौत की खबर और फिर शव घर के बाहर छोड़ दिया जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। परिवार का कहना है कि डर के कारण बच्चा शायद कुछ बता नहीं पाया।

इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
दिव्यांश अपने परिवार का इकलौता बेटा था। पिता एक निजी फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि मां का रो-रोकर बुरा हाल है। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग भी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पुलिस ने शुरू की जांच, फोरेंसिक टीम जुटी साक्ष्य में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पैनल डॉक्टर्स की निगरानी में और पूरी वीडियोग्राफी के साथ कराई जाएगी। विशेष जांच टीम का गठन कर दिया गया है और परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज करने की कार्रवाई जारी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी मौत की वजह
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की मौत बीमारी से हुई या फिर प्रताड़ना और हिंसा के बाद उसकी हत्या की गई। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।

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