राष्ट्रीय
पीएम के 25000 करोड़ के पैकेज पर कश्मीर में क्यों लगा ग्रहण, ये है वजह?

कश्मीर हिंसा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास पैकेज पर ब्रेक लगा दी है। केंद्र सरकार की ओर से इस मद में 25,632 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, लेकिन, सिर्फ 2973 करोड़ ही जारी हो सके। इस राशि में से भी सिर्फ 1276 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए।
रियासत के वित्त मंत्री डॉ. हसीब द्राबू ने इस साल पीएम पैकेज के लिए आवंटन के मुताबिक फंड जारी कर विकास योजनाओं में समयबद्ध खर्च का संकल्प जताया है। उपद्रव और हिंसा के कारण पर्यटन जैसे अहम क्षेत्र में भी काम नगण्य रहा।
प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2015 में जम्मू-कश्मीर के लिए 8068 करोड़ के विशेष पैकेज का एलान किया था। वित्त मंत्री डॉ. द्राबू का कहना है कि पैकेज को लागू करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2015 में जम्मू-कश्मीर के लिए 8068 करोड़ के विशेष पैकेज का एलान किया था। वित्त मंत्री डॉ. द्राबू का कहना है कि पैकेज को लागू करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
इसके तहत प्रोजेक्ट स्थलों की पहचान, प्रोजेक्टों की प्रारंभिक रिपोर्ट (पीपीआर) और विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रहीं हैं। रियासत सरकार के हिस्से के लिए संसाधन जुटाने का काम भी चल रहा है। पैकेज संपूर्ण रियासत के विकास को समर्पित है।
इसमें स्टेट सेक्टर के प्रोजेक्ट को रियासत की एजेंसियों द्वारा पूरा किया जाना है। सेंट्रल सेक्टर के भी कुछ प्रोजेक्ट रियासत सरकार की एजेंसियां पूरा करेंगी। कुछ प्रोजेक्टों को सेंट्रल सेक्टर की एजेंसियां पूरा करेंगी। केंद्र ने रियासत सरकार की सलाह पर इसके लिए फंड तय किए हैं।
जम्मू-कश्मीर में 2014 में आई बाढ़ में ध्वस्त हुए मकानों के एवज में पीएम पैकेज के तहत रियासत के 20 जिलों में 1058 करोड़ जारी किए गए हैं। इसमें सबसे अधिक श्रीनगर में 483 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसी तरह अनंतनाग में 99 करोड़, बडगाम में 88 करोड़, राजोरी में 55 करोड़, पुंछ में 20 करोड़ और जम्मू में 62 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्टर के लिए 900 करोड़ रुपये का आवंटन पीएम पैकेज के तहत किया गया था। इस मद में न तो कोई राशि जारी हुई और न ही खर्च हुआ। खेल विकास के लिए 200 करोड़ के आवंटन के मद में 70 करोड़ जारी किए गए लेकिन खर्च एक पैसा भी नहीं हुआ।
क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत के लिए 1093 करोड़ रुपये विभागों को दिए गए हैं। इस मद में भी खर्च का कोई ब्योरा नहीं है। पर्यटन क्षेत्र 3790 करोड़ का आवंटन हुआ लेकिन राशि जारी नहीं हो सकी।




