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फेक करंसी मामले में पहली बार सजा, चार को उम्रकैद

पटना : देश में पहली बार फेक करंसी मामले में किसी कोर्ट ने दोषियों को सजा सुनाई है। यह सजा पटना एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने दी है। अफरोज, सन्नी, इशर्फुल आलम और अलोमगिर शेख को फेक इंडियन करंसी की तस्करी का दोषी मानते हुए कोर्ट ने इसे आंतकवादी गतिविधि मानी और चारों को उम्रकैद की सजा दी। दरअसल, 2014 को रक्सौल के रामगढ़वा रेलवे क्रॉसिंग के पास झारखंड के रहने वाले अफरोज को 5 लाख 94 हजार रुपये नकली नोटों के साथ पकड़ा गया था। यह केस 23 दिसम्बर 2015 को एनआईए के पास जांच के लिए भेज दिया गया था। इस केस में एनआईए ने पहली चार्जशीट जुलाई 2016 में दायर की थी। एनआईए ने इस केस में दस लोगों को आरोपी बनाया था। कोर्ट में दायर किए गए आरोप पत्र में एनआईए ने पाया था कि नकली नोट पाकिस्तान में छपता था। आरोपी इन नकली नोटों को बांग्लादेश के रास्ते नेपाल और भारत के विभिन्न हिस्सों में ले जाते थे।

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