सीमा पार से आए करीब 20 लोगों पर किसान को अगवा करने का आरोप, बांग्लादेश ले जाने का दावा; BSF-BGB की बातचीत जारी

जलपाईगुड़ी: पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा के पास एक भारतीय चाय किसान के कथित अपहरण से हड़कंप मच गया है। राजगंज ब्लॉक के कुकुरजान इलाके में शनिवार को करीब 20 लोगों के एक समूह द्वारा 35 वर्षीय दीपांकर गोप को कथित तौर पर अगवा कर बांग्लादेश ले जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद सीमा से सटे गांवों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
दीपांकर चौलहाटी सीमा गांव के तसर पाड़ा का रहने वाला है। शनिवार सुबह वह अपने छह बीघा के चाय बागान में कीटनाशक का छिड़काव करने गया था। बताया जा रहा है कि उसका बागान अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब है और घटना के समय वह वहां अकेले काम कर रहा था।
करीब 20 लोगों ने घेरकर जबरन ले जाने का आरोप
परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, इसी दौरान करीब 20 बांग्लादेशी लोग कथित तौर पर सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे और दीपांकर को घेर लिया। बताया गया है कि दीपांकर ने बचने की कोशिश की और आरोपियों से हाथापाई भी हुई, लेकिन संख्या अधिक होने के कारण वह उनके कब्जे से निकल नहीं सका।
आरोप है कि हथियारबंद लोग दीपांकर को जबरन अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर बांग्लादेश के पंचगढ़ जिले में ले गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सीमा क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई।
कुछ दिन पहले पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक से जोड़ा जा रहा मामला
दीपांकर के परिवार और स्थानीय ग्रामीण इस घटना को कुछ दिन पहले हुई एक अन्य घटना से जोड़कर देख रहे हैं। बताया गया है कि चौलहाटी सीमा पर एक बांग्लादेशी नागरिक ने तारबंदी काटकर भारत में प्रवेश करने की कोशिश की थी। स्थानीय ग्रामीणों और सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था।
परिवार को आशंका है कि उसी कार्रवाई के बदले दीपांकर को अगवा किया गया हो सकता है। हालांकि, अपहरण के पीछे वास्तविक वजह क्या है और क्या इसमें किसी संगठित सीमा पार गिरोह की भूमिका है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
BSF-BGB के बीच फ्लैग मीटिंग, वापसी की कोशिश जारी
किसान के लापता होने की सूचना मिलने के बाद सीमा सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा और उसकी सुरक्षित वापसी के प्रयास शुरू किए। मामले को लेकर भारत और बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच फ्लैग मीटिंग भी हुई। हालांकि, देर रात तक दीपांकर की वापसी नहीं हो सकी। उसके बांग्लादेश सीमा सुरक्षा बल की हिरासत में होने की बात सामने आई है।
इस बीच एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कथित तौर पर दीपांकर यह कहता दिखाई दे रहा है कि उसे तभी छोड़ा जाएगा, जब भारत में हिरासत में लिए गए बांग्लादेशी नागरिक को रिहा किया जाएगा। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पिता की अपील- बेटे को सुरक्षित वापस लाया जाए
दीपांकर के पिता मिश्री लाल गोप ने बेटे की सुरक्षित वापसी की अपील की है। उन्होंने बताया कि दीपांकर सुबह चाय बागान में काम करने गया था और वहीं से करीब 20 बांग्लादेशी लोग उसे ले गए। उनका कहना है कि दोनों देशों की एजेंसियों के बीच फ्लैग मीटिंग चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि उनका बेटा सुरक्षित वापस लौटेगा।
उन्होंने कुछ दिन पहले तारबंदी काटते हुए पकड़े गए बांग्लादेशी नागरिक का जिक्र करते हुए भी आशंका जताई कि उसी घटना के कारण उनके बेटे को बदले की कार्रवाई के तहत अगवा किया गया हो सकता है।
सीमा के पास खेतों में काम करने वाले ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
घटना के बाद सीमा से सटे गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास बड़ी संख्या में लोग, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं, खेतों और चाय बागानों में नियमित रूप से काम करते हैं। ऐसे में सीमा पार से लोगों के भारतीय क्षेत्र में आकर एक किसान को कथित तौर पर अगवा करने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल सीमा सुरक्षा बल बांग्लादेशी अधिकारियों के संपर्क में है और दीपांकर की सुरक्षित वापसी के लिए बातचीत जारी है। साथ ही सुरक्षा एजेंसियां घटना में संभावित सीमा पार अपराध और तस्करी नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।



