आजमगढ़ में 8 घंटे की खौफनाक वारदात का दर्दनाक अंत, एक ही चिता पर पति-पत्नी और मासूम बेटे का अंतिम संस्कार

आजमगढ़: अपनों की हंसी-खुशी से चहकने वाला एक परिवार कुछ ही घंटों में उजड़ गया। आजमगढ़ में करीब 8 घंटे तक चले घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई के बाद जब एक ही परिवार के 3 शव राजघाट शवदाह गृह पहुंचे, तो माहौल गमगीन हो गया। आरोपी पति, उसकी पत्नी और 10 साल के मासूम बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया, जब परिवार में कोई पुरुष सदस्य न होने के कारण आरोपी की भतीजी वर्षा ने तीनों को मुखाग्नि दी।
बताया गया कि पूरी घटना की शुरुआत तब हुई, जब अरविंद सिंह पर अपनी पत्नी और 2 पुजारियों की हत्या करने का आरोप लगा। इसके बाद उसने अपने बच्चों को घर में बंधक बना लिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने करीब 8 घंटे तक आरोपी को समझाने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन वह उन्हें छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ।
10 साल के बेटे को मारी गोली
पुलिस की घेराबंदी बढ़ने के दौरान आरोपी ने अपने 10 साल के बेटे को गोली मार दी। गोली चलने की आवाज के बाद पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल करते हुए घर में प्रवेश किया। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरा देखकर आरोपी ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से 6 राउंड फायरिंग की।
इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी अरविंद सिंह की गोली लगने से मौत हो गई। घर में मौजूद उसकी बेटी और एक छोटे बच्चे को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
भतीजी वर्षा ने दी तीनों को मुखाग्नि
घटना का सबसे भावुक दृश्य राजघाट शवदाह गृह पर देखने को मिला। बताया गया कि आरोपी के बड़े भाई की 2018 में ही हत्या हो चुकी थी। इसके चलते परिवार में अंतिम संस्कार के लिए कोई पुरुष सदस्य नहीं बचा था।
ऐसे में आरोपी की भतीजी कुमारी वर्षा को आगे आना पड़ा। चीख-पुकार और सिसकियों के बीच वर्षा ने अपने चाचा, चाची और चचेरे भाई को एक ही चिता पर मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
करीब 8 घंटे तक चले इस घटनाक्रम में हत्या, बच्चों को बंधक बनाए जाने और पुलिस कार्रवाई के बाद एक परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। राजघाट शवदाह गृह पर अंतिम संस्कार के दौरान परिवार और आसपास मौजूद लोगों के बीच मातम पसरा रहा।



