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बड़ी खर: ‘TIKTOK’ पर हाईकोर्ट ने लगाया बैन, SC भी लगा सकता….

नई दिल्ली: सर्वोच्च अदालत ने सोमवार को मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से मना कर दिया है जिसमें अश्लील सामग्री तक पहुंच की चिंता को लेकर केन्द्र को ‘टिकटॉक’ एप पर बैन लगाने का निर्देश दिया गया था. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता तथा जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने कहा है कि तय प्रक्रिया के मुताबिक याचिका पर सुनवाई की जाएगी.

चीन की कंपनी ‘बाइटडांस’ की तरफ से पेश सीनियर अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि बड़ी मात्रा में लोगों ने इस एप को डाउनलोड किया है और मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने एकतरफा आदेश दिया है. पीठ ने कहा है कि, ‘कोई तत्काल सुनवाई नहीं कि जाएगी. मामले पर तय प्रक्रिया के मुताबिक विचार किया जाएगा.’ मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने तीन अप्रैल को इस एप के माध्यम से अश्लील और अनुचित सामग्री परोसे कराए जाने की चिंता व्यक्त करते हुए केन्द्र को ‘टिकटॉक’ एप पर बैन लगाने का निर्देश दिया था.

अदालत ने प्रेस वालों को ‘टिकटॉक’ से बनाई गई वीडियो क्लिप को प्रसारित नहीं करने का निर्देश दिया था. एप के माध्यम से उपयोगकर्ता छोटे वीडियो बनाते हैं और उन्हें पोस्ट करते हैं. अदालत ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख निर्धारित की थी. अदालत ने उस जनहित याचिका के आधार पर अंतरिम आदेश जारी कर दिया था, जिसमें इस आधार पर टिकटॉक पर बैन लगाने की मांग की गई थी कि, इसमें कथित रूप से इस प्रकार की सामग्री है जो ‘संस्कृति का अपमान तथा अश्लील सामग्री को प्रोत्साहन’ देती है.

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