
जयपुर: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है। प्रत्याशियों के प्रचार अभियान के बीच बीजेपी ने चुनावी मैदान में अपनी ताकत बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को प्रमुख स्टार प्रचारक के तौर पर उतारने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री प्रदेश के अलग-अलग शहरों में करीब 10 मेगा रोड शो करेंगे और बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में मतदाताओं से वोट की अपील करेंगे।
बीजेपी की चुनावी रणनीति में मुख्यमंत्री के रोड शो के साथ केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता भी शामिल है। पार्टी का जोर केवल बड़े नेताओं की सभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के रोड शो का पूरा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो का कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री उदयपुर और भीलवाड़ा में चुनाव प्रचार करेंगे। इसके बाद 6 सितंबर को बीकानेर, अजमेर और जोधपुर में रोड शो प्रस्तावित हैं। 7 सितंबर को भरतपुर और अलवर, जबकि 8 सितंबर को पाली और कोटा में मुख्यमंत्री बीजेपी प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेंगे। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन 9 सितंबर को जयपुर में मुख्यमंत्री का मेगा रोड शो प्रस्तावित है।
इन रोड शो के जरिए बीजेपी शहरी मतदाताओं के बीच पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री रोड शो के अलावा पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें भी करेंगे। बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद के जरिए चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं, केंद्रीय चुनाव प्रभारी, सह-प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों की निगरानी करेंगे।
मंत्रियों को भी सौंपी गई अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी
बीजेपी ने कई मंत्रियों को विभिन्न निकाय क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी है। इन नेताओं को स्थानीय संगठन के साथ समन्वय स्थापित करने, प्रत्याशियों के प्रचार अभियान को गति देने और बूथ स्तर पर पार्टी की तैयारियों को मजबूत करने का काम सौंपा गया है। पार्टी की कोशिश है कि मुख्यमंत्री के स्टार प्रचार और मजबूत संगठन के सहारे चुनाव में बढ़त हासिल की जाए।
कांग्रेस का स्थानीय मुद्दों पर फोकस
दूसरी ओर कांग्रेस ने नगर निकाय चुनाव में ‘लोकल कनेक्ट’ को अपनी प्रमुख रणनीति बनाया है। पार्टी का जोर स्थानीय मुद्दों और वार्ड स्तर की समस्याओं पर है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नगर निकाय चुनाव में सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और वार्ड विकास जैसे मुद्दे जनता के लिए ज्यादा अहम हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी लगातार स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान के केंद्र में रखने की बात कह रहे हैं। पार्टी की रणनीति के तहत स्थानीय विधायक, पूर्व विधायक, वार्ड स्तर के नेता और कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार अभियान को आगे बढ़ाएंगे। घर-घर संपर्क और छोटी बैठकों के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर दिया जाएगा।
बीजेपी और कांग्रेस की चुनावी रणनीति आमने-सामने
नगर निकाय चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस की रणनीति अलग-अलग नजर आ रही है। बीजेपी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मेगा रोड शो, बड़े नेताओं की सक्रियता और संगठन की ताकत के जरिए चुनावी माहौल बनाने में जुटी है। वहीं कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और वार्ड स्तर के मजबूत संपर्क को अपनी ताकत मानकर चुनावी मैदान में आगे बढ़ रही है।
शहरी मतदाताओं पर दोनों दलों की नजर
मुख्यमंत्री के लगातार मेगा रोड शो और बीजेपी के व्यापक प्रचार अभियान के जरिए शहरी मतदाताओं को पार्टी के पक्ष में लामबंद करने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस स्थानीय समस्याओं को केंद्र में रखकर मतदाताओं से संपर्क बढ़ा रही है। नगर निकाय चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के बीच यह मुकाबला आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।



