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द्वापर जैसा दुर्लभ संयोग लेकर आ रही जन्माष्टमी, 4 सितंबर को बनेंगे खास योग; इन 4 राशियों पर बरसेगी कान्हा की कृपा!

नई दिल्ली: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी इस बार 4 सितंबर को मनाई जाएगी। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस बार जन्माष्टमी पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, मध्यरात्रि के समय रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में चंद्रमा की मौजूदगी में हुआ था। इस वर्ष जन्माष्टमी पर भी इसी तरह का संयोग बनने की बात कही जा रही है।

पंचांग के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे और रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी रहेगा। इसके साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग और हर्षण योग का शुभ संयोग बनने वाला है। ज्योतिष में सर्वार्थ सिद्धि योग को कार्यों में सफलता और मनोकामनाओं की पूर्ति से जोड़कर देखा जाता है, जबकि हर्षण योग को सुख और प्रसन्नता का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, इन संयोगों का प्रभाव कुछ राशियों के जातकों के लिए विशेष रूप से शुभ रह सकता है।

वृषभ राशि

जन्माष्टमी पर चंद्रमा वृषभ राशि में उच्च स्थिति में रहेंगे। इसके साथ रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, यह स्थिति वृषभ राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम देने वाली हो सकती है।

लाभ की बात करें तो व्यक्तित्व में निखार आने और आत्मविश्वास बढ़ने के संकेत हैं। लंबे समय से रुकी योजनाओं में तेजी आ सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके फैसलों की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग और हर्षण योग का संयोग करियर और व्यापार के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिलने की संभावना है। कारोबार का विस्तार करने की योजना बना रहे लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

मान-सम्मान में बढ़ोतरी हो सकती है। सामाजिक स्तर पर प्रतिष्ठा बढ़ने के संकेत हैं। पैतृक संपत्ति या पुराने निवेश से आर्थिक लाभ मिलने की संभावना भी जताई गई है।

वृश्चिक राशि

वृषभ राशि में चंद्रमा की स्थिति वृश्चिक राशि के सप्तम भाव को प्रभावित करेगी। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इसका सकारात्मक असर दांपत्य जीवन और साझेदारी से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है।

जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता बढ़ सकती है और उनका सहयोग मिल सकता है। कारोबार में नए सौदे तय होने की संभावना है। इन सौदों से भविष्य में आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा भी वापस मिलने की संभावना जताई गई है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए रोहिणी नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग शुभ माना जा रहा है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिलने की संभावना है।

पारिवारिक जीवन में भी सुखद माहौल रहने के संकेत हैं। आय के नए स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। परिवार में खुशी का वातावरण बना रह सकता है।

जन्माष्टमी की रात करें ये उपाय

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी की मध्यरात्रि भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय उनका पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद उन्हें तुलसी पत्र के साथ माखन-मिश्री अर्पित करें।

रोहिणी नक्षत्र और वृषभ राशि में स्थित चंद्रमा को अर्घ्य देने की भी परंपरा बताई गई है। इसके साथ ‘ॐ क्लीं कृष्णाय नमः’ मंत्र का जाप करने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि इससे जन्माष्टमी पर बनने वाले शुभ योगों का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

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