होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का बड़ा ऐलान, बिना अनुमति घुसे तो प्रतिबंध सूची में जाएगा जहाज, अमेरिका को भी चेतावनी

नई दिल्ली: फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर सख्त रुख अपनाया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेजाई ने रविवार को कहा कि आने वाले दिनों में होर्मुज स्ट्रेट के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया जाएगा। उनके मुताबिक यह क्षेत्र अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी रेखा से शुरू होकर फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक फैलेगा। इस क्षेत्र में बिना अनुमति दाखिल होने वाले किसी भी जहाज को इस्लामिक रिपब्लिक की प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा।
रेजाई ने सरकारी प्रसारक आईआरआईबी को दिए साक्षात्कार में होर्मुज स्ट्रेट को ‘पूरी तरह बंद’ बताया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जलमार्ग खुले होने के दावे को ‘बड़ा झूठ’ करार दिया। रेजाई के अनुसार फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट से रोजाना सात से आठ से अधिक जहाज नहीं गुजर रहे हैं। इनमें पांच से छह जहाज ईरान के लिए जरूरी सामान लेकर जा रहे हैं।
ओमान के पास से गुजरने वाले समुद्री रास्ते को लेकर भी दावा
मोहसिन रेजाई ने कहा कि अमेरिका कभी-कभी ओमान के पास से गुजरने वाले एक रास्ते से पांच से छह जहाजों को आगे जाने की अनुमति देता है। उनका दावा है कि इन जहाजों को आमतौर पर निशाना बनाया जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही के लिए ओमान के साथ जिन नक्शों पर सहमति बनी है, उन पर आने वाले दिनों में हस्ताक्षर किए जाएंगे। इससे संकेत मिलता है कि जहाजों के आवागमन के रास्ते को लेकर ईरान और ओमान के बीच बनी व्यवस्था को जल्द औपचारिक रूप दिया जा सकता है।
अमेरिकी नाकेबंदी से तेल आपूर्ति प्रभावित होने का दावा
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में दावा किया कि ईरान के पास करीब 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल मौजूद है, जिसे चीन ने अभी तक नहीं खरीदा है। उनके अनुसार अमेरिकी प्रतिबंध और नौसैनिक नाकेबंदी जल्द ही तेहरान को इस तेल की आपूर्ति करने से रोक सकती है।
वहीं, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद-बघेर गालिबाफ ने रविवार को अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ‘बहुत देर होने से पहले’ यह समझ लेना चाहिए कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के नियम बदल चुके हैं।
इजरायल ने ईरान पर विदेशों में विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया
इस बीच, इजरायल की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के एक अधिकारी ने ईरान इंटरनेशनल से कहा है कि तेहरान ने विदेशों में ईरानी सरकार के विरोधियों और पत्रकारों के अलावा विदेशों में मौजूद इजरायलियों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं।



