
रायपुर: उत्तराखंड के चमोली जिले में 13 अगस्त को हुए दर्दनाक टनल हादसे में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के चार मजदूरों के परिवारों को राज्य सरकार आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री साय ने मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। हादसे में सभी चार मृतक कोंडागांव जिले के रहने वाले थे। वहीं, हादसे में घायल जिले के दो श्रमिकों को इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये देने के निर्देश दिए गए हैं।
हादसे में कोंडागांव जिले के धनसुली गांव के दो, मदनार के एक और दहीकोंगा के एक श्रमिक की मौत हुई है। वहीं जिले के दो अन्य श्रमिक घायल हुए हैं। मृत श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने हादसे पर शोक जताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्होंने कहा कि शोकाकुल परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
भूस्खलन और पानी के रिसाव से टनल में फंसे थे 22 श्रमिक
उत्तराखंड के चमोली जिले में मायापुर-पीपलकोटी निर्माणाधीन टनल में काम चल रहा था। 13 अगस्त की शाम करीब 6:30 बजे भारी भूस्खलन और पहाड़ से पानी के रिसाव के कारण 22 श्रमिक टनल के अंदर फंस गए थे। घटना की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू किया गया।
रेस्क्यू टीमों ने अभियान चलाकर 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल भेजा। हादसे के पहले दिन चार श्रमिकों के शव बरामद किए गए। इसके बाद अगले दिन तीन और शव मिले। 15 अगस्त को एक तथा 16 अगस्त को दो और शव बरामद किए गए।
117 घंटे तक चला बचाव अभियान
टनल में फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने करीब 117 घंटे तक लगातार बचाव अभियान चलाया। रेस्क्यू के दौरान टीमों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। टनल के अंदर फंसी मशीनों को भी बाहर निकाला गया।
लगातार चले अभियान के बाद टनल से कुल 10 श्रमिकों के शव बरामद किए गए। हादसे में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के चार श्रमिकों की भी जान गई।



