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जम्मू-कश्मीर में एसपीओ की हत्याओं के बाद आतंक के अंत में जुटी सेना


श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में हिज्बुल और लश्कर के आतंकियों द्वारा तीन पुलिसकर्मियों की हत्या किए जाने के बाद सेना ने अब दक्षिण कश्मीर के कई जिलों में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। घाटी में तीन पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद हरकत में आई सुरक्षा एजेंसियों ने आज सुबह सेना को पुलवामा और शोपियां के कुछ गांवों में आतंकियों के मौजूद होने की सूचना दी थी। इस इनपुट के बाद सेना ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर शोपियां और पुलवामा के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों की घेराबंदी कर गहन तलाशी अभियान शुरू किया है। सेना की 53 और 55 राष्ट्रीय राइफल्स, 23 पैरा फोर्सेज, केंद्रीय रिजर्व पुलिस की 182 व 183 बटालियन और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के जवान पुलवामा और शोपियां के अलग-अलग गांवों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। इस तलाशी अभियान में पुलवामा के लस्सीपोरा, अलाईपोरा, हजदारपोरा समेत कई गांवों की सख्त घेराबंदी की गई है। वहीं सर्च ऑपरेशन के लिए करीब 700 जवानों की तैनाती की गई है। बताया जा रहा है कि सेना के इस बड़े अभियान के दौरान पुलवामा में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा घेरे गए सभी गांवों में किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर भी पाबंदी लगाई गई है। गौरतलब है कि शुक्रवार को ही शोपियां जिले में आतंकियों ने तीन पुलिसकर्मियों का अपहरण करने के बाद उनकी हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद 6 पुलिसकर्मियों ने अपने इस्तीफे का ऐलान किया था, जिसके विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। हालांकि सोशल मीडिया पर एसपीओ के इस्तीफे की घोषणा से जुड़ा विडियो सामने आने के बाद डीजीपी दिलबाग सिंह ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह और गृह सचिव को राजीव गौबा को बताया कि यह सामूहिक इस्तीफा नहीं है और न ही इसका इन तीन एसपीओ की हत्या से कोई लेना देना है।

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