राज्यराष्ट्रीय

बंगाल में जहां रामनवमी के पर सांप्रदायिक हिंसा हुई वहां नहीं होगा लोकसभा चुनाव : कलकत्ता HC

कलकत्ता : हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से रामनवमी के दौरान मुर्शिदाबाद हिंसा पर एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। चुनाव आयोग से बरहामपुर में चुनाव को टालने का आग्रह किया। यह कदम एचसी में एक याचिका दायर होने के बाद उठाया गया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चेतावनी दी कि वह पश्चिम बंगाल के उन लोकसभा क्षेत्रों में मतदान की अनुमति नहीं देगा जहां रामनवमी समारोह के दौरान सांप्रदायिक हिंसा हुई थी। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से रामनवमी के दौरान मुर्शिदाबाद हिंसा पर एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। चुनाव आयोग से बरहामपुर में चुनाव को टालने का आग्रह किया। यह कदम एचसी में एक याचिका दायर होने के बाद उठाया गया है।

पुलिस ने बताया कि रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के शक्तिपुर में एक रैली के दौरान हुए विस्फोट में एक महिला घायल हो गई। महिला को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि विस्फोट शाम को हुआ। इसमें एक महिला घायल हो गई। हम घटना की जांच कर रहे हैं। हालांकि, अधिकारी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि विस्फोट बम से हुआ या किसी अन्य कारण से।

वहीं हाईकोर्ट ने कहा कि हमारा प्रस्ताव है कि हम भारत के चुनाव आयोग को एक सिफारिश करेंगे कि जो लोग शांति से जश्न नहीं मना सकते, उन्हें चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. हम चुनाव आयोग को प्रस्ताव देंगे कि बरहामपुर (मुर्शिदाबाद क्षेत्र) में चुनाव टाल दिया जाए. दोनों पक्षों की यह असहिष्णुता अस्वीकार्य है. हाईकोर्ट ने हिंसा पर रिपोर्ट मांगी है. चुनाव रोकने के संबंध में अभी तक कोई आदेश जारी नहीं हुआ है. अब मामले में शुक्रवार को आगे की सुनवाई होगी.

बता दें कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बुधवार 17 अप्रैल को रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हिंसक झड़प देखने को मिली थी. घटना शाम शक्तिपुर इलाके में हुई. यहां रामनवमी के मौके पर जुलूस निकाला जा रहा था. घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिसमें दिख रहा है कि लोग अपनी छतों से जुलूस पर पथराव कर रहे हैं. हिंसक घटना के कारण तनाव बढ़ता देख, भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इस दौरान कई लोग घायल हो गए थे.

Related Articles

Back to top button