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4 राशियों की किस्मत चमकेगी, बृहस्पति और मंगल ग्रह की कृपा से मिलेगा धन, यश और सफलता

नई दिल्ली : हिंदू नववर्ष 2026, विक्रम संवत २०८३ का आरंभ 19 मार्च से होने जा रहा है। इस साल अधिकमास(Adhikmas) के कारण 13 महीने का होगा और इसे रौद्र संवत्‍सर कहा गया है। इस नववर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति और मंत्री मंगल ग्रह होंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति ज्ञान, सुख, समृद्धि और सौभाग्य के कारक हैं, जबकि मंगल ग्रह साहस, ऊर्जा और निर्णायक निर्णयों के लिए जिम्मेदार है।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार नववर्ष की शुरुआत में सूर्य, शनि और शुक्र मीन राशि में होंगे। वहीं बृहस्पति मिथुन में, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में रहेंगे। 2 जून 2026 को गुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे और 31 अक्टूबर को सिंह राशि में चले जाएंगे। इसके अलावा 5 दिसंबर को राहु मकर और केतु कर्क राशि में गोचर करेंगे। इन बड़े ग्रह-गोचर का सभी राशियों पर खास असर पड़ेगा और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में बदलाव देखने को मिलेगा।

विशेष रूप से मिथुन, तुला, धनु और मकर राशि वालों के लिए यह नववर्ष अत्यंत लाभकारी रहेगा। इन राशियों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, करियर में उन्नति के अवसर खुलेंगे और स्वास्थ्य भी बेहतर रहेगा। योजना बनाकर किए गए कामों में लाभ की संभावना बढ़ जाएगी। धार्मिक क्रियाओं, दान-पुण्य और शुभ कार्यों में मन लगाने से ग्रहों की कृपा और बढ़ जाएगी।

वहीं मेष, वृश्चिक और मीन राशि वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है। ये राशियां शनि की साढ़ेसाती और ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति के प्रभाव में रह सकती हैं। इस अवधि में धन हानि, विवाद, दुर्घटना और तनाव की संभावना अधिक रहेगी। इसलिए इस साल जोखिम भरे निर्णय लेने से बचें और अपने कार्यों में संयम बरतें।

ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि हिंदू नववर्ष के शुभ प्रारंभ से ग्रहों की स्थिति इन चार राशियों के लिए लाभकारी होगी। मिथुन, तुला, धनु और मकर राशि वाले इस साल सफलता, यश और आर्थिक समृद्धि के नए द्वार खोल पाएंगे। इसलिए इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए और जीवन में संतुलन और संयम बनाए रखना चाहिए।

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