आज से शुरू हुआ खरमास: 14 अप्रैल तक विवाह समेत सभी मांगलिक कार्यों पर विराम, सूर्य देव को जल अर्पित करने की सलाह

बरेली। होलाष्टक की समाप्ति के बाद शुरू हुए विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों पर एक बार फिर विराम लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 14 मार्च की मध्यरात्रि से सूर्य देव गुरु ग्रह की मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। सूर्य के इस राशि परिवर्तन के साथ ही खरमास की शुरुआत हो गई है, जो 14 अप्रैल तक जारी रहेगा। इस अवधि में परंपरा के अनुसार विवाह सहित कई शुभ और मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।
सूर्य के धनु या मीन राशि में प्रवेश को कहा जाता है खरमास
ज्योतिषाचार्य मुकेश मिश्र के अनुसार जब सूर्य देव गुरु ग्रह की राशियों धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तब उस अवधि को खरमास कहा जाता है। इस समय विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ, छेदन सहित सोलह संस्कारों से जुड़े मांगलिक कार्य करना शुभ नहीं माना जाता।
इसके अलावा नई दुकान खोलना, नया व्यापार शुरू करना, वाहन या संपत्ति खरीदना भी इस अवधि में वर्जित माना जाता है।
धार्मिक साधना और पूजा-पाठ के लिए शुभ माना जाता है समय
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार खरमास के दौरान गुरु ग्रह की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाती है। इसी कारण इस समय शुभ कार्यों से परहेज करने की परंपरा रही है। हालांकि धार्मिक दृष्टि से यह अवधि पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ मानी जाती है।
श्रद्धालुओं को इस दौरान सूर्योदय से पहले उठकर स्नान और ध्यान करना चाहिए तथा उगते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और अन्य वस्तुओं का दान करना भी पुण्यदायक माना जाता है।
20 अप्रैल से फिर शुरू होंगे विवाह के शुभ मुहूर्त
ज्योतिषियों के मुताबिक 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होने के बाद 20 अप्रैल से विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए फिर से शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। इसी दिन अक्षय तृतीया का पर्व भी पड़ रहा है, जिसे सनातन परंपरा में अत्यंत शुभ तिथि माना जाता है।



