उत्तर प्रदेशराज्य

उत्तर प्रदेश में खाद बिक्री बढ़ने पर सरकार सतर्क, कृषि मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निगरानी के निर्देश दिए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौ जिलों में उर्वरकों की बिक्री में अप्रत्याशित वृद्धि के बाद सरकार अलर्ट हो गई है। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने हाथरस, खीरी, बलिया, एटा, अलीगढ़, चंदौली, कन्नौज, बदायूं और सोनभद्र में उर्वरक बिक्री पर विशेष चिंता जताते हुए अधिकारियों को निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय, लापरवाही पर कार्रवाई
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि बिक्री और स्टॉक की निगरानी में कोई लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रबी सीजन में बिक्री का आंकड़ा
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संयुक्त निदेशकों, उप निदेशकों और जिला कृषि अधिकारियों के साथ बैठक में मंत्री ने बताया कि वर्तमान रबी सीजन में 30 मार्च तक 51.15 लाख टन यूरिया की उपलब्धता के मुकाबले 39.94 लाख टन यूरिया की बिक्री हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत अधिक है। डीएपी की उपलब्धता 17.59 लाख टन थी, जबकि बिक्री 12.48 लाख टन हुई। प्रदेश में अब भी 11.21 लाख टन यूरिया और 5.11 लाख टन डीएपी का स्टॉक मौजूद है।

अन्य निर्देश और योजनाओं की समीक्षा
कृषि मंत्री ने अवशेष बीजों का वितरण और कृषि यंत्रों का सत्यापन कार्य मंगलवार तक पूरा करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में रबी 2025-26 के लिए 18.78 लाख किसानों के बीमा और “विंड्स” योजना के तहत ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और रेन गेज की स्थापना में तेजी लाने के आदेश भी दिए। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री की गति बढ़ाने और सहकारिता विभाग को उर्वरक रैक से आपूर्ति की निरंतर निगरानी करने के साथ-साथ सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता का बोर्ड अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए।

बजट व्यय में लापरवाही पर चेतावनी
बैठक में कृषि मंत्री ने बजट व्यय में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के वेतन से भरपाई करने की चेतावनी भी दी। वर्ष 2025-26 के बजट प्रविधान 8620.65 करोड़ रुपये में से 7431.86 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी की गई है। सोमवार तक 6432.67 करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है, जो स्वीकृति का 74.62 प्रतिशत है। केंद्र प्रायोजित योजनाओं के 3278.50 करोड़ रुपये के प्रविधान में से 2027.49 करोड़ रुपये स्वीकृत और 1719.15 करोड़ रुपये का व्यय किया गया। राज्य सेक्टर योजनाओं के 3773.34 करोड़ रुपये के प्रविधान में से 3632.40 करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है, जो स्वीकृति के 95.55 प्रतिशत के बराबर है।

बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता अजय कुमार शुक्ला, आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता योगेश कुमार, प्रबंध निदेशक पीसीएफ डा. चंद्र भूषण और कृषि निदेशक डा. पंकज त्रिपाठी उपस्थित रहे।

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