देहरादून: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। यह दौरा राज्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। सुबह लगभग 11:15 बजे, पीएम मोदी दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे के ऊंचे खंड पर स्थित वन्यजीव गलियारे की समीक्षा करने के लिए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जाएंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय (सेवा तीर्थ) के अनुसार, पीएम मोदी मंगलवार सुबह देहरादून के पास स्थित जय मां डाट काली मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। इसके बाद, दोपहर लगभग 12:30 बजे, प्रधानमंत्री मोदी देहरादून में एक सार्वजनिक समारोह में दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे का उद्घाटन करेंगे और इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।
इसे लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस एक्सप्रेसवे का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: उम्मीदों की उड़ान।”
गौरतलब हो, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। इसकी खास बात राजाजी राष्ट्रीय उद्यान के बीच से गुजरने वाला 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो एशिया का सबसे लंबा कॉरिडोर माना जा रहा है। इससे हाथी और बाघ जैसे वन्यजीव सुरक्षित रूप से सड़क के नीचे से गुजर सकेंगे।
इसके अलावा डाट काली मंदिर के पास 340 मीटर लंबी नई सुरंग बनाई गई है, जिससे पुराने घुमावदार पहाड़ी रास्तों की जगह सीधा और आसान रास्ता मिलेगा। एक्सप्रेसवे 6 से 12 लेन का है, जिसमें दिल्ली के अक्षरधाम से लोनी तक का हिस्सा 12 लेन का बनाया गया है। इसकी डिज़ाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है।
यह एक्सप्रेसवे अक्षरधाम मंदिर से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों से होते हुए देहरादून तक पहुंचेगा। इसमें 50.7 किलोमीटर लंबा हरिद्वार स्पर भी शामिल है, जिससे दिल्ली से हरिद्वार की दूरी करीब 2 घंटे में तय की जा सकेगी। साथ ही अंबाला को जोड़ने वाला एक और स्पर भी बनाया गया है। दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाकर और साथ ही पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी का उत्तराखंड से गहरा जुड़ाव रहा है। उनका पहला दौरा 2015 में ऋषिकेश में हुआ था। तब से वे केदारनाथ मंदिर के पांच दौरे कर चुके हैं और बद्रीनाथ, मुखबा व आदि कैलाश जैसे धार्मिक स्थलों का भी भ्रमण कर चुके हैं।




